आजादी में स्वतंत्रता सेनानियों के दिए योगदान को बयां कर रही लघु सचिवालय में 'दीवार'
शहर के लघु सचिवालय में एक दीवार पर 26 स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें लगाई गई हैं।

जासं, अमृतसर: लोगों में देशभक्ति की भावना बनाए रखना और उन्हें अपने देश की आजादी के इतिहास व इसमें योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों से अवगत करवाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से शहर के लघु सचिवालय में एक दीवार पर 26 स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें लगाई गई हैं। यह प्रयास डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह सूदन का है। उनकी तरफ से अपने कार्यालय के पास यह दीवार तैयार करवाते हुए स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें लगाई गई है। इस पर लिखा है 'आजादी मुहिम के संघर्षी योद्धाओं को समर्पित' दीवार। स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरों के साथ इनके आजादी में दिए योगदान के बारे में भी जानकारी दी गई है।
इस दीवार पर विशेष रूप से लाइटिग लगाई गई है। आसपास पौधे भी लगाए गए हैं। डीसी का कहना है कि बलिदानी हमारे देश की धरोहर हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने अपना बलिदान देकर देश को आजाद करवाने में अहम भूमिका निभाई है। इस इमारत में 15 से अधिक सरकारी विभागों के अधिकारी बैठते हैं और बड़ी संख्या में चार मंजिला इमारत में लोग अपने काम करवाने के लिए आते हैं। डीसी का दफ्तर पहली मंजिल पर है और यहां से गुजरने वाले लोगों का इस दीवार पर ध्यान भी जाता है जो खुद को इसे देखने से रह नहीं सकता। जब वे इन तस्वीरों को देखते हैं तो वे इस प्रयास की काफी सराहना भी कर रहे हैं। जनहित के कार्यो के लिए कई प्रयास कर रहे डीसी सूदन
डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह सूदन अपने अच्छे कामों के लिए जाने जाते हैं। पंजाब के वह पहले डीसी थे, जिन्होंने अपने बच्चे का दाखिला सरकारी स्कूल में करवाया था। इसके बाद वह सुर्खियों में आए। इतना ही नहीं फतेहगढ़ साहिब में जब वह डीसी थे तो उनके खिलाफ कुछ लोग प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान वह उनके साथ ही प्रदर्शन में बैठ गए और अपने ही खिलाफ नारेबाजी करने लगे थे। इसके पश्चात अमृतसर में कार्यभार संभाला तो आए दिन लोगों के हित में कई अहम फैसले लिए। उन्होंने सेवा केंद्रों को सुधारने के लिए प्रयास किए तो वहीं हाल ही में उन्होंने गांवों में गुरु नानक बगीची बनाने के निर्देश दिए हैं। इन स्वतंत्रता सेनानियों की लगी तस्वीरें
बलिदानी मदन लाल ढींगरा, बलिदानी ऊधम सिंह, बलिदानी भगत सिंह, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी व पंजाबी कवि वीर सिंह वीर, बैरिस्टर सैफुद्दीन किचलू, भाई हरनाम सिंह रागी, आजादी आंदोलन किसान मोर्चा में हिस्सा लेने वाले अजैब सिंह, कैप्टन अजमेर सिंह, किरती किसान मोर्चे की मूवमेंट में हिस्सा लेने वाले कामरेड बहादुर सिंह, अकाली लहर जैतो मोर्चा जेल नाभा में 16 वर्ष जेल काटने वाले मोहन सिंह, 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में गिरफ्तार हुए पूर्व मंत्री ज्ञान चंद खरबंदा, भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लेने वाले किरपाल सिंह, दूसरी वर्ल्ड वार में हिस्सा लेने वाले कैप्टन महंगा सिंह।
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