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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आसमान छू रही कीमत, लेकिन सीमा से लौटाए जा रहे प्‍याज से भरे ट्रक, कारण हैरान करने वाला

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Wed, 25 Dec 2019 10:55 AM (IST)Updated: Wed, 25 Dec 2019 01:37 PM (IST)

देश में प्‍याज की कीमतें आसमान छू रही हैं और इससे राहत के लिए अफगानिस्‍तान से प्‍याज मंगवाए जा रहे ...और पढ़ें

आसमान छू रही कीमत, लेकिन सीमा से लौटाए जा रहे प्‍याज से भरे ट्रक, कारण हैरान करने वाला
आसमान छू रही कीमत, लेकिन सीमा से लौटाए जा रहे प्‍याज से भरे ट्रक, कारण हैरान करने वाला

अमृतसर, जेएनएन। देेेेश में प्‍याज की कीमतें आसमान छू रही हैं और इससे लोगाेें को राहत देने के लिए विदेश से प्याज मंगवाए जा रहे हैं। इन सबके बीच बड़ी लापरवाही सामने आई है। अफगानिस्‍तान से आ रहे प्‍याज से भरे ट्रकों को सीमा से लौ टाया जा रहा है। ऐसा इंटेग्रेटेड चेक पोस्ट केे गोदाम के प्‍याज से भरे होने के कारण किया जा रहा है। बताया जाता है कि व्‍यापारी प्‍याज समय पर नहीं उठाते हैंं और इस कारण गोदाम भर गए हैं।     

सोमवार को प्याज के 10 ट्रक और ड्राईफ्रूट के सात ट्रकों को अनलोङ्क्षडग के बिना वापस वाघा भेजना पड़ा। वाघा-अटारी के रास्ते रोजाना प्याज के 70 ट्रक और ड्राईफ्रूट के 12 ट्रक भारत पहुंच रहे है। इस तरह रोजाना 2,100 टन प्याज और 264 टन ड्राईफ्रूट पहुंचता है।

प्याज के एक ट्रक में 30 टन, जबकि ड्राईफ्रूट के ट्रक में 22 टन औसतन माल आता है। पिछले 15 दिनों में अफगानिस्तान से प्याज से भरे 425 ट्रक, जबकि ड्राईफ्रूट के 168 ट्रक भारत पहुंचे हैं। इस तरह 12 हजार 750 टन प्याज और ड्राईफ्रूट 3 हजार 696 टन आइसीपी पर पहुंचा। हालांकि जिन ट्रकों को वाघा लौटाया जा रहा है, वो अगले दिन फिर अनलोड के लिए आइसीपी पर आते हैं।

 व्यापारी समय पर नहीं उठा पाते प्याज व ड्राईफ्रूट : अनिल मेहरा

ड्राईफ्रूट एसोसिएशन के प्रधान अनिल मेहरा ने बताया कि दिल्ली के लिए गाडिय़ां नहीं मिल पातीं, जिसके चलते दिल्ली के व्यापारी प्याज और ड्राईफ्रूट समय पर नहीं उठा पाते। इंपोर्ट सामान बहुत कीमती होता है तो उन्हें शेड के अंदर ही रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आइसीपी पर तैनात अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को भी चाहिए कि उतनी ही गाडिय़ां वाघा से इधर मंगवाएं, जितनी शेड (कवर्ड गोदाम) में रखी जा सकें।

कई बार गाडिय़ां नहीं मिलने से डंप होता है माल : दीपक शर्मा

कस्टम कमिश्नर दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि गोदामों में स्टाक नहीं रहे, इसके लिए कस्टम विभाग तुरंत औपचारिक्ताएं पूरी करने के हर संभव प्रयास करता है। इसके बाद माल उठाना व्यापारी की मर्जी पर निर्भर करता है। कई बार गाडिय़ां नहीं मिलने के चलते भी ऐसे हालात बन जाते हैं। अधिकारी ट्रेडर्स को भी सामान जल्द से जल्द उठवाने के लिए प्रेरित करते हैं, ताकि अफगानिस्तान से रोजाना पहुंचने वाले प्याज और ड्राईफ्रूट के ट्रकों की अनलोङ्क्षडग करके ही वापस भिजवाया जाए।