जागरण संवाददाता, अमृतसर : स्वास्थ्य विभाग ने विश्व नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस अवसर पर सन फाउंडेशन से बलजीत कौर जौहल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से फाउंडेशन द्वारा लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जा रहा है। नशा सेवन करने वाले इंसान का स्वास्थ्य खराब होता है, वहीं वह सामाजिक रूप से भी पिछड़ जाता है। अफीम, हशीश, भांग, स्मैक, शराब और तंबाकू सहित नशा पीड़ित कई प्रकार की दवाओं का सेवन करते हैं। यह सभी इंसानी शरीर के साथ खिलवाड़ करती हैं। इनसे कैंसर, लिवर रोग होते हैं और इंसान की असमय मौत हो जाती है। सन फाउंडेशन का एक मुख्य उद्देश्य नशा करने वालों के लिए परामर्श, उपचार और पुनर्वास सुविधाएं प्रदान करना है। इन लोगों के पुनर्वास के लिए पुनर्वास केंद्र भी खोले गए हैं।, ताकि वे इलाज के बाद समाज का हिस्सा बन सकें। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम जनता में जागरूकता पैदा करने के लिए एक पोस्टर भी जारी किया गया। सभी ने 'नशीले पदार्थों को न कहो और जीवन को हां कहो' विषय पर शपथ भी ली गई। इस मौके पर अमरदीप सिंह, हरजिदर सिंह और सभी स्टाफ उपस्थित था।

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