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    राजनाथ सिंह ने कहा, युवाओं में आक्रोश से देश में हमेशा हुआ बदलाव

    By Sunil Kumar JhaEdited By:
    Updated: Wed, 14 Mar 2018 11:15 AM (IST)

    केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को गुरुनगरी अमृतसर का दौरा किया। उन्‍होंने जालियांवाला बाग में शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया।

    राजनाथ सिंह ने कहा, युवाओं में आक्रोश से देश में हमेशा हुआ बदलाव

    जेएनएन, अमृतसर। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जब भी युवाअों में आक्रोश पैदा हुआ है, देश में बदलाव हुआ। चाहे वह अंग्रेजी शासन रहा या स्‍वतंत्रता के बाद का काल। देश का इतिहास इसका गवाह है। युवाओं में व्‍यवस्‍था के बदलाव की अगुवाई की। उन्‍होंने मंगलवार को जालियांवाला बाग में शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया।

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    जालियांवाला बाग में शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया

    इस मौके पर आयोजित सभा में कहा कि युवाओं के दिलों में जब-जब आक्रोश पैदा हुआ, देश में बदलाव हुआ है। इसका इतिहास गवाह है। साल 1940 में शहीद ऊधम सिंह को अंग्रेजों ने फांसी दी और इसके दो साल बाद ही देश में अंग्रेज भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत हुई और मात्र पांच साल बाद ही देश आजाद हो गया। आज के ही दिन 13 मार्च 1940 को ऊधम सिंह ने जनरल माइकल ओ डायर को गोली मारी थी।

    उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा जलियांवाला बाग में लगाने का उद्देशय देश की आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले अन्य शहीदों को भी श्रद्धांजलि देना है। इस मौके पर पंजाब के कैबिनट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से राजनाथ सिंह का स्वागत किया।

    इससे पहले मंगलवार को गुरु नगरी पहुंचने पर राजनाथ सिंह सबसे पहले श्री दरबार साहिब भी पहुंचे अौर वहां नतमस्‍तक हुए। उन्‍होंने श्री दरबार साहिब में माथा टेका और श्री स्‍वर्ण मंदिर परिसर का अवलोकन किया।

    राजनाथ सिंह का यहां प‍हुंचने पर केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, रजीत सिंह औजला और राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक ने स्‍वागत किया। जलियांवाला बाग में शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा अंतरराष्ट्रीय सर्व कंबोज सभा द्वारा यह प्रतिमा स्थापित करवाई गई है।

    श्री दरबार साहिब परिसर में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह।

    राजनाथ सिंह सबसे पहले श्री दरबार साहिब पहुंचे और वहां माथा टेका। इस मौके पर उन्‍हें सिरोपा देकर सम्‍मानित किया गया। उनके साथ इस मौके पर भाजपा के कई नेता भी मौजूद थे। केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे के मद्देनजर श्री दरबार साहिब परिसर और आसपास के क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्‍यवस्‍था की गई थी।

    श्री दरबार साहिब में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह।

    इसके बाद राजनाथ सिंह जालियांवाला बाग पहुंचे। जालियांवाला बाग में उन्‍हाेंने शहीद ऊधम सिंह की सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। राजनाथ ने जालियांवाला बाग में शहीद स्‍मारक पर श्रद्धासुमन भी अर्पित किए। उन्‍हाेंने वहां पूरे परिसर का अवलोकन किया। शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर समाराेह का आयोजन किया गया। समारोह में राजनाथ सिंह ने जालियांवाला बाग के शहीदों को याद किया।  

    गृह मंत्री ने कहा 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में सैकड़ों बेकसूर लोगों की हत्या के बाद अंग्रेजों ने समझा कि अब ङ्क्षहदुस्तान के युवाओं में हिम्मत और जज्बा नहीं रहा। वे लोग अगले और 100 वर्षों तक इंडिया में हुकूमत कर सकेंगे। जलियांवाला कांड के बाद शहीद ऊधम सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव सिंह समेत अन्य युवाओं के दिलों में अंग्रेजों के खिलाफ इतना आक्रोश पैदा हुआ कि अंग्रेजों को भारत छोड़ कर जाना पड़ा।

    श्री दरबार साहिब में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह।

    राजनाथ सिंह ने कहा कि जलियांवाला बाग कांड के समय ऊधम सिंह 19 साल के थे। उक्त घटना को लेकर उनके दिल में इतना आक्रोश पैदा हुआ कि उन्होंने कांड को अंजाम देने वाले जनरल डायर के साथ-साथ तत्कालीन अंग्रेज गर्वनर माइकल ओ डायर को भी गोलियों से भूनकर बदला लेने की बात ठान ली।

    उन्‍होंने कहा कि लंदन पहुंचने के बाद ऊधम सिंह को पता चला कि जलियांवाला बाग कांड को अंजाम देने वाले अग्रेज जनरल डायर की मौत हो चुकी है तो 1940 को माइकल ओ डायर को गोलियों से भून कर खुद को अंग्रेज शासकों के हवाले कर दिया। उन्होंने कहा कि अगले साल रक्तरंजित जलियांवाला बाग कांड की शताब्दी पर देशभर में श्रद्धांजल‍ि कार्यक्रम हो रहे हैं।  इसके लिए जल्द ही बड़े स्तर पर काम किया जाएगा।
      
    प्रतिमा तोड़ने वालों पर राज्य सरकारों को दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

    केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों या पार्कों में लगी प्रतिमा तोडऩे वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश राज्य सरकारों को दिए गए हैं। किसी के साथ मतभेद हो सकता है मगर किसी जगह पर लगी प्रतिमा को तोडऩा गैर कानूनी है।