यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Stubble Burning: बारिश ने रोका पराली का धुआं, पर नहीं सुधरा अमृतसर का एक्यूआइ
पंजाब के कई जिलों में मौसम के कारण पराली जलाने की घटनाएं कम हुई हैं लेकिन अमृतसर जिले में एयर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, पटियाला। पंजाब में गुरुवार को कई जिलों में बादल छाए रहने और कुछेक जगहों पर वर्षा के चलते पराली जलाने की गति में कुछ हद तक रोक लगी। इसके बावजूद पराली जलाने के पांच केस सामने आए। राज्य में धान की कटाई शुरू होने से अब तक पराली जलाने के 98 केस सामने आ चुके हैं।
खास बात यह है कि बदले मौसम के कारण पराली जलाने की घटनाएं कम हुई हैं, लेकिन अमृतसर जिले में एयर क्लवालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) लगातार बढ़ता जा रहा है।
14 सितंबर को अमृतसर का एक्यूआइ 79 था। 15 सितंबर को धान की कटाई शुरू होते ही 24 सितंबर को बढ़कर 101 और 26 सितंबर को 116 तक पहुंच गया।
100 से ज्यादा एक्यूआइ मध्यम श्रेणी में माना जाता है लेकिन यह फेफड़ों, अस्थमा और दिल के रोगियों के लिए घातक साबित हो सकता है। खास बात यह है कि राज्य में सबसे ज्यादा पराली जलाने की घटनाएं अमृतसर में हो रही हैं। यहां पराली जलाने के 59 केस सामने आ चुके हैं।
