जागरण संवाददाता, अमृतसर: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एक आम श्रद्धालु की तरह श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे। वहां उन्होंने रुमाला साहिब भेंट किया। सचखंड हरिमंदिर साहिब में राहुल को फूलों की माला दी गई। वह डेढ़ घंटा दरबार साहिब में रुके। उन्होंने सुबह नौ बजे अमृतसर पहुंचना था, परंतु सुबह गहरी धुंध होने के कारण उनका विमान करीब 12.20 मिनट पर लैंड किया, जिसकी वजह से सारे प्रोग्राम लेट हो गए।

करीब 25 मिनट राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चंन्नी, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, डिप्टी सीएम सुखजिदर सिंह रंधावा व ओपी सोनी के साथ श्री हरिमंदिर साहिब में बैठकर इलाही गुरबाणी का श्रवण किया। लंगर छकने के लिए श्री गुरु रामदास दास लंगर हाल भी गए। वहां आम श्रद्धालु की तरह उन्होंने पंगत में बैठक कर लंगर छका। एसजीपीसी की ओर से दर्शनीय ड्योढ़ी से श्री हरिमंदिर साहिब जाने के लिए एक रास्ता संगत से खाली करवाया गया था। कड़ाह प्रसाद लेने के उपरांत राहुल ने श्री अकाल तख्त साहिब, परिक्रमा में बेर बाबा बुड्डा साहिब पर भी नमन किया। लंगर छककर जब राहुल दोबारा परिक्रमा में पहुंचे तो हरि की पौड़़ी के पास थड़ा साहिब में भी राहुल कुछ वक्त रुककर नतमस्तक हुए। हरिमंदिर साहिब में राहुल ने शहीद बाबा दीप सिंह के स्थान पर भी माथा टेका। इस दौरान राहुल ने साथी कांग्रेस नेताओं के साथ चार अलग अलग स्थानों पर रुक कर यादगारी तस्वीरें भी मीडिया को लेने दीं। बढ़ी संख्या में कांग्रेस नेता, उम्मीदवार उनके साथ रहे। राहुल की सिक्योरिटी और डीसीपी अमृतसर भंडाल में तू-तू मैं-मैं हुई

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से राहुल गांधी को ट्रिपल लेयर सुरक्षा हरिमंदिर साहिब परिसर में दी गई थी। परिक्रमा में राहुल की सिक्योरिटी और डीसीपी अमृतसर परमिंदर सिंह भंडाल में तू-तू मैं-मैं भी हो गई। माथा टेकने के दौरान राहुल ने मीडिया के साथ बात नहीं की, परंतु मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के संबंध में वह आसपास वालों को जरूर पूछते रहे कि सीएम साहब कहां है। इस पर चन्नी तुरंत उनके पास आ जाते। इस दौरान वह नवजोत सिंह सिद्धू के साथ भी बात करते रहे। जलियांवाला बाग में शहीदों को नमन, श्री दुग्र्याणा और श्रीराम तीर्थ में भी हुए नतमस्तक

दरबार साहिब के बाद राहुल ने शहीद स्थली जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। विजिटर बुक में संदेश लिखते हुए उन्होंने जलियांवाला बाग को इंस्पीरेशन (प्रेरणास्त्रोत) और आजादी की लड़ाई का एक महान स्मारक भी कहा। फिर उन्होंने श्री दुग्र्याणा तीर्थ में भगवान लक्ष्मी नारायण और श्री रामतीर्थ में भगवान वाल्मीकि जी का आशीर्वाद लिया।

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