संस, अमृतसर: पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि पंजाब की जनता को किसानों के साथ सहानुभूति है। सभी चाहते हैं कि भारत सरकार और किसान दोनों ही पहल करके इस आंदोलन का हल निकालें। आंदोलन समाप्त हो पर बार-बार सड़कें जाम करने से देश की जनता को कितनी कठिनाई होती है, इसे भी किसान नेताओं को महसूस करना चाहिए।

सोमवार को किसान मोर्चा की ओर से भारत बंद का आह्वान किया गया है, पर इसके साथ जो सारे पंजाब की सड़कें सुबह छह से शाम चार बजे तक बंद करने का एलान किसान नेताओं ने किया है, यह गलत है। हजारों लोगों को अपनी ड्यूटी पर पहुंचना है। विद्यार्थियों ने कई प्रकार की कंपीटिशन परीक्षाएं देने जाना है। पारिवारिक दुख- सुख और कई काम ऐसे होते हैं जो उसी दिन निपटाने जरूरी हैं। प्रो. चावला ने किसानों से अपील की कि वे सड़कें न बंद करें। इससे पूरा जनजीवन और सामाजिक जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। भारत सरकार से भी अपील है कि किसानों के इस आंदोलन का कोई समाधान निकाले। किसान नेता यह विचार करें कि अगर उनके अपने परिवारों में सड़कें बंद होने से कोई कठिनाई आ जाए तो वे कैसे अपने लिए रास्ता ढूंढ पाएंगे। सड़कें और व्यापार बंद होने से लोगों की सहानुभूति आंदोलन से कम हो जाती है। पंजाब सरकार किसानों से बातचीत करके सड़कें जाम करने से रोके।

Edited By: Jagran