Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद अदालत में पेश हुए सुखबीर बादल व विरसा सिंह वल्टोहा, 29 को होगी दोबारा पेशी

    शिरोमणि अकाली दल बादल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और सीनियर नेता विरसा सिंह वल्टोहा के गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद वह दोपहर अदालत में पेश हुए। अब इस केस की अगली तारीख 29 नवंबर को पड़ी है।

    By Vicky KumarEdited By: DeepikaUpdated: Thu, 03 Nov 2022 04:55 PM (IST)
    Hero Image
    अदालत जाते हुए शिरोमणि अकाली दल बादल के अध्यक्ष सुखबीर बादल। (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। जिला अदालत की तरफ से शिरोमणि अकाली दल बादल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और सीनियर नेता विरसा सिंह वल्टोहा के गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद वह वीरवार दोपहर अदालत में पेश हुए। अदालत में पेश होने के बाद दोनों ने अपने जमानती बांड भरे। अब इस केस की अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी। दोनों नेताओं को इस केस की हर तारीख को पेश होना पड़ेगा।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अदालत में पेश होने के बाद सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उन पर दर्ज किया गया मामला राजनीति से प्रेरित था। उस समय कांग्रेस सरकार ने उन पर यह केस दर्ज करवाया था। अब आम आदमी पार्टी इसे आगे चला रही है। उन्होंने कहा कि अदालत से हमेशा इंसाफ मिलता रहा है। अब भी उन्हें न्याय ही मिलेगा।

    उल्लेखनीय है कि एक जनवरी 2021 को ब्यास के नजदीक दरिया में हो रही माइनिंग साइट पर शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पहुंंचे थे। उनके साथ विरसा सिंह वल्टोहा, पूर्व विधायक अमरपाल सिंह बोनी, कंंवलजीत सिंह, चंचल सिंह, चमकौर सिंह, कश्मीर सिंह, तरसेम सिंह, मनजिंदर सिंह, बलविंदर सिंह और संतोष सिंह साथ थे। उन्होंने आरोप लगाए थे कि पंजाब सरकार की तरफ से उक्त जगह पर नाजायज माइनिंग करवाई जा रही है।

    माइनिंग करने वाली फर्म फ्रैंडस एंड कंपनी ने इन आरोपों को नकारते हुए सभी दस्तावेज दिखाए थे। इसके पश्चात उन्होंने सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ थाना ब्यास में शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद थाना ब्यास की पुलिस ने सुखबीर बादल व विरसा सिंह वल्टोहा व उक्त सभी लोगों के खिलाफ 269,270,188,341,506 आइपीसी के अलावा थ्री एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के तहत केस दर्ज किया गया था।

    पहले यह मामला बाबा बकाला साहिब की अदालत में चल रहा था। इसके पश्चात इसे अमृतसर की अदालत में शिफ्ट किया गया। अदालत की तरफ से उन्हें केस में पेश होने के लिए कहा जा रहा था। वह पेश नहीं हो रहे थे, जिसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए। 

    यह भी पढ़ेंः- Ludhiana Weather Update: शहर में अगले हफ्ते से बढ़ेगी ठंड, बेहद खराब श्रेणी में हवा की गुणवत्ता

    यह भी पढ़ेंः- Business Blaster: एक महीने में छात्रों को देने होंगे आइडियाज, लुधियाना के चयनित 6 स्कूलों की ट्रेनिंग पूरी