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    बाबा बलबीर सिंह को जत्थेदार घोषित करने वाला निहंग सिंह निकला सरकारी कर्मचारी, जल्द श्री अकाल तख्त पर होगा पेश

    बंदी छोड़ दिवस पर श्री अकाल तख्त पर आयोजित धार्मिक समारोह में बुड़ा दल के प्रमुख बाबा बलबीर सिंह को जत्थेदार घोषित करने वाला निहंग सिंह सरकारी कर्मचारी है। निहंग बाबा सुखचैन सिंह नामक उक्त व्यक्ति पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में कार्यरत है। तरनादल के प्रमुख बाबा मान सिंह बटाला के रिश्तेदार सुखचैन सिंह को जल्द श्री अकाल तख्त पर पेश किए जाने की कवायद शुरू हो गई है।

    By Jagran NewsEdited By: Nidhi VinodiyaUpdated: Tue, 14 Nov 2023 11:14 PM (IST)
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    बाबा बलबीर सिंह को जत्थेदार घोषित करने वाला निहंग सिंह निकला सरकारी कर्मचारी

    गुरमीत लूथरा, अमृतसर।  12 नवंबर को बंदी छोड़ दिवस के मौके पर श्री अकाल तख्त पर आयोजित धार्मिक समारोह में बुड़ा दल के प्रमुख बाबा बलबीर सिंह को जत्थेदार घोषित करने वाला निहंग सिंह सरकारी कर्मचारी है। निहंग बाबा सुखचैन सिंह नामक उक्त व्यक्ति पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में कार्यरत है। तरनादल के प्रमुख बाबा मान सिंह, बटाला के रिश्तेदार सुखचैन सिंह को जल्द श्री अकाल तख्त पर पेश किए जाने की कवायद शुरू हो गई है। 

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    श्री अकाल तख्त पर विशेष तौर से सम्मानित किया जा रहा था

    मंगलवार को बाबा मान सिंह श्री अकाल तख्त पहुंचे तथा उन्होंने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह की गैरमौजूदगी में देर शाम उनके पीए अजीत सिंह से मुलाकात कर सुखचैन सिंह को पेश करने के लिए समय मांगा। राजपुरा निवासी सुखचैन ने जोश में आकर  उस समय अकाल तख्त के सेवादार से माइक छीन कर बाबा बलबीर सिंह को जत्थेदार घोषित कर दिया था, जब निहंग संगठनों के प्रमुखों को श्री अकाल तख्त पर विशेष तौर से सम्मानित किया जा रहा था। 

    इस मामले में जवाबतलबी की जाएगी

    घटना का गंभीर नोटिस लेते हुए जत्थेदार रघुवीर सिंह ने एसजीपीसी अधिकारियों को इस मामले की जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट अकाल तख्त  पर सौंपने का फरमान जारी किया था। जत्थेदार का कहना है कि है कि न सिर्फ आरोपी को धार्मिक दंड दिया जाएगा बल्कि संबंधित निहंग संगठन के प्रमुखों से भी इस मामले में जवाबतलबी की जाएगी। मामले में भी कहा जा रहा है कि सुखचैन सिंह मंदबुदगी मंदबुद्धि है जिससे यह अनजाने में गुनाह हो गया है। इसी बीच एसजीपीसी सदस्य जगबीर  सिंह ने कहा है कि  अगर यह मंदबुद्धि है तो फिर शिक्षा बोर्ड में नौकरी कैसे कर रहा है, ऐसे व्यक्ति को भला सरकारी नौकरी पर कैसे रखा जा सकता है।