'मेरे कॉलेज के प्रोफेसर आए हैं, उन्हें सम्मान मिले...', जब अमृतसर में मनमोहन सिंह से मिलने पहुंचे हिंदू कॉलेज के डीन
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का अमृतसर से गहरा नाता रहा है। उन्होंने अमृतसर से ननकाना साहिब के बीच बस सेवा शुरू की और ऐतिहासिक किला गोबिंदगढ़ को पंजाब सरकार को सौंपने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में गुरुनगरी के कई नेताओं को उनका आशीर्वाद प्राप्त हुआ। इस लेख में डॉ. मनमोहन सिंह के अमृतसर से जुड़े योगदानों और पहलों के बारे में विस्तार से जानें।
विपिन कुमार राणा, अमृतसर। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुनगरी अमृतसर से खास ही नाता रहा है। विभाजन के समय पाकिस्तान से आने के बाद उनका परिवार यही आकर बसा और यहां के ढाब खटीका स्थित हिंदू कॉलेज से उन्होंने अर्थशास्त्र में शिक्षा ग्रहण की।
हिंदू कॉलेज के बैच 1951-53 विद्यार्थी रहे, पूर्व प्रधानमंत्री जब भी गुरुनगरी आते रहे तो अपने कॉलेज को जरूर याद करते रहे। पिछले साल उनके पौत्र रणदीप कोहली के शादी समारोह में भी उन्होंने शिरकत की थी।
शहर को लेकर खुद करते थे फैसले
पाकिस्तान से विभाजन के समय आने और गुरुनगरी से खास प्यार होने की वजह से शहर को लेकर जब भी कोई बड़ा निर्णय लेने का समय आया तो उन्होंने खुद पहनकदमी की।
अमृतसर से ननकाना साहिब के बीच शुरू की बस सेवा
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 400वें प्रकाश पर्व पर जब अमृतसर से ननकाना साहिब बीच को बस सेवा शुरू की गई तो 01 सितंबर 2004 को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह खुद अमृतसर पहुंचे थे और इसके बाद 24 मार्च 2006 को डॉ. मनमोहन सिंह ने पंज-आब बस सेवा को झंडी देकर इसकी शुरुआत की थी।
इतना ही नहीं ऐतिहासिक किला गोबिंद गढ़ जो अक्टूबर 1948 से 05 अक्टूबर 2008 तक आर्मी के कब्जे में रहा और 06 अक्टूबर 2008 को आर्मी ने इस किले को पंजाब सरकार को सुपुर्द कर दिया था। तब पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कपाट खोलने के लिए किले की चाबी सरकार को सौंपी थी।
उनके छत्रछाया में पहली गुरुनगरी की कांग्रेस
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का आशीर्वाद गुरुनगरी के कई नेताओं के सिर पर रहा। यही वजह रही कि जब भी किसी नेता पर सियासी संकट आया तो वह उनके पास दिल्ली गया और उनके छत्रछाया में ही उस सियासी नेता के सियासी संकट का निदान हो सका।
2014 में उन्हें गुरुनगरी के लोकसभा का चुनाव लड़ने की भी एक बार चर्चा छिड़ी थी, लेकिन बाद में कैप्टन अमरिंदर सिंह को यहां से उतार दिया गया।
'मेरे कॉलेज के प्रोफेसर, इन्हें पूरा मान सम्मान मिले'
हिंदू कॉलेज के डीन एलेमुनाइ अरुण मेहरा ने बताया कि हिंदू कॉलेज में वह बतौर विद्यार्थी पढ़े और तब उनकी फीस किसी ओर की ओर से स्पांसर थी।
कॉलेज के रिकॉर्ड में इसकी जानकारी मिली थी। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री के तौर पर जब हम उन्हें अमृतसर सर्किट हाउस में मिलने गए तो 'मेरे उस कॉलेज के प्रोफेसर अध्यापक आए है, जिस कॉलेज में मैं स्टूडेंट था। इनका मान सम्मान आज भी वैसा है, जैसे हम पढ़ाई के दौरान तब के अध्यापकों को देते थे।'
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