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मजीठा में ओलावृष्टि से फसलें तबाह, किसानों का सवाल अब सैटेलाइट कहां है, गिरदावरी और मुआवजे की मांग तेज

Published: Mon, 06 Apr 2026 12:30 PM (IST)

मजीठा क्षेत्र में ओलावृष्टि और बारिश से फसलें तबाह हो गईं। किसान सैटेलाइट निगरानी पर सवाल उठा रहे हैं और ...और पढ़ें

HighLights

  1. मजीठा में ओलावृष्टि से गेहूं, मक्का, सब्जियों की फसलें बर्बाद।

  2. किसान बोले, पराली पर कार्रवाई, नुकसान पर सरकार मौन।

  3. किसान नेता पंधेर ने ₹70,000/एकड़ मुआवजे की मांग की।

डिजिटल डेस्क, अमृतसर। पंजाब के माझा क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। गेहूं, मक्का और सब्जियों की फसलें बड़े पैमाने पर बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों में भारी निराशा और गुस्सा है। सबसे बड़ा सवाल जो अब किसान उठा रहे हैं, वह यह है कि जब पराली जलाने के मामलों में सैटेलाइट के जरिए तुरंत कार्रवाई होती है, तो फसल नुकसान के समय वे क्यों नहीं दिखता।

मजीठा के गांव हरिया के किसान सतिंदर पाल सिंह ने बताया कि उन्होंने 17 एकड़ में मक्का की खेती की थी, जो पूरी तरह नष्ट हो गई। उन्होंने कहा कि एक भी सरकारी अधिकारी अब तक उनके खेतों का जायजा लेने नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पराली जलाने की घटना होती है, तो अधिकारी तुरंत गांव में पहुंच जाते हैं और कार्रवाई करते हैं, लेकिन अब जब नुकसान हुआ है, तो कोई देखने तक नहीं आया।

इदगाह गांव के किसान मनप्रीत सिंह ने भी इसी तरह की पीड़ा जताई। उन्होंने बताया कि उनके परिवार को 60 से 70 प्रतिशत तक फसल का नुकसान हुआ है। इसके बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर सैटेलाइट अब क्यों काम नहीं कर रहा है।

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किसान नेता पंधेर ने किया गांवों का दौरा

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के वरिष्ठ नेता सरवन सिंह पंधेर ने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पूरे इलाके में फसलों को भारी नुकसान हुआ है और सरकार को तुरंत गिरदावरी शुरू करनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि किसानों को प्रति एकड़ 70 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए और सब्जी की फसलों के नुकसान के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए। पंधेर ने कहा कि सरकार को अब और देरी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि किसान पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल पूरे क्षेत्र में फसल नुकसान को लेकर चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

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विपक्ष ने उठाए सवाल

बठिंडा से शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने सरकार मांग की है कि मालवा क्षेत्र में ओलावृष्टि से तबाह हुई गेहूं की फसल के लिए किसानों को तुरंत 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। भूचो में प्रभावित किसानों से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संकट की इस घड़ी में किसानों को पूरी तरह असहाय छोड़ दिया है।

दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि 30-31 मार्च से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने पंजाब, खासकर मालवा क्षेत्र की खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।

रंधावा ने केंद्र से विशेष राहत पैकेज और जल्द सर्वे कर किसानों को मुआवजा देने की अपील की है, ताकि प्रभावित किसान आर्थिक संकट से उबर सकें।

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