ड्रोन से पाकिस्तान से आई हथियारों की खेप, अमृतसर में छह विदेशी पिस्तौल और दस मैगजीन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
अमृतसर में पुलिस ने दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार कर छह विदेशी पिस्तौल और दस मैगजीन बरामद कीं। पूछताछ में खेप ड्रोन से आने का खुलासा हुआ।

ये AI जनरेटेड इमेज है।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। अमृतसर में हथियारों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सीआइए स्टाफ ने सोमवार सुबह दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से छह विदेशी पिस्तौल, दस मैगजीन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ थाना घरिंडा में असलहा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापामारी कर रही है।
एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि सीआइए स्टाफ को हथियारों की खेप के संबंध में सूचना मिली थी। इंस्पेक्टर मनमीत सिंह को सूचना मिली कि भकना गांव निवासी कैप्टन सिंह उर्फ संधू और अर्शदीप सिंह मोटरसाइकिल पर सवार होकर हथियारों की खेप को किसी ठिकाने पर पहुंचाने जा रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने रास्ते में नाकाबंदी कर दी। कुछ समय बाद दोनों आरोपित मोटरसाइकिल पर आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया और तलाशी ली। इस दौरान उनके पास मौजूद बैग से छह विदेशी पिस्तौल और दस मैगजीन बरामद हुईं।
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पुलिस की तरफ से जब्त हथियार।
ड्रोन से गिराई गई थी हथियारों की खेप
पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने दावा किया कि हथियारों की यह खेप पाकिस्तान में बैठे तस्करों ने कुछ दिन पहले ड्रोन के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में गिराई थी। दोनों को इसे आगे पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। पूछताछ में सामने आया कि खेप को रमदास क्षेत्र में पहुंचाना था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपितों के पास हथियारों की खेप लेने वाले व्यक्ति का सीधा संपर्क नंबर या अन्य जानकारी नहीं थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों किस गिरोह के संपर्क में थे और हथियारों की खेप आगे किसे दी जानी थी।
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पहले से कोई आपराधिक मामला नहीं
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार दोनों आरोपितों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। पुलिस अब उनके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की जांच कर रही है। साथ ही पाकिस्तान से हथियार मंगवाने वाले तस्करों और स्थानीय स्तर पर खेप लेने वाले लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ हथियार तस्करी के पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापामारी की जा रही है।
