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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमृतसर: भगवंत मान और केजरीवाल ने की उद्योगपतियों से मुलाकात, पंजाब सीएम ने कहा- राज्य में हो रहा भारी निवेश

By Deepak SaxenaEdited By: Deepak Saxena
Published: Thu, 14 Sep 2023 02:25 PM (IST)Updated: Thu, 14 Sep 2023 03:30 PM (IST)

पंजाब सरकार की ओर से आयोजित सनतकार समिट को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद ...और पढ़ें

उद्योगपतियों से मुलाकात कर रहे सीएम मान और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल।
उद्योगपतियों से मुलाकात कर रहे सीएम मान और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल।

अमृतसर, जागरण संवाददाता: पंजाब सरकार की ओर से आयोजित सनतकार समिट को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान होटल ताज में उद्योगपतियों के साथ बैठक की। मीटिंग में उद्योगपतियों ने सीएम अरविंद केजरीवाल और सीएम मान को समस्याओं से रूबरू करवाया। 

मीटिंग के बाद बिजनेसमैन को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुलासा किया कि देश के प्रमुख उद्योगपति पंजाब में 1500 करोड़ रुपये का निवेश करने को तैयार है। पंजाब में अगले कुछ वर्षों में 50000 करोड़ रुपए का निवेश होगा। उन्होंने कहा कि अमृतसर को टूरिस्ट हब बनाने के लिए शहर में ई-बस, शटल बसें चलाने का फैसला किया गया है। 

आप सुप्रीमो एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में हो रही मीट में विभिन्न इंडस्ट्रियल एसोसिएशनों तथा व्यापार मंडल ने दोनों मुख्यमंत्रियों के समक्ष अपनी मांगे रख रहे हैं। 

निवेश की आड़ में Mou पास की प्रक्रिया नौटंकी: केजरीवाल

आप सुप्रीमो व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निवेश की आड़ में एमओयू पास करने की प्रक्रिया को नौटकी करार दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 2-3 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन करने की घोषणाएं नाटक मात्र हैं। सरकार ऐसा कर मात्र पब्लिकसिटी बटोर रही है। यह सब फर्जी एमओयू हैं। वास्तव में सरकार और अडानी-अंबानी जैसों के साथ हुआ एक भी एमओयू लागू नहीं होता है। ना इससे जॉब मिलती हैं ना अन्य रोजगार और ना ही एक पैसा इनवेस्ट होता है।

स्कूल ऑफ एमिनेंस में पढ़ेंगे उद्योगपतियों के भी बच्चे 

उन्होंने आगे कहा कि निवेश का तरीका पंजाब सरकार का है, सीएम भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) ने भारतीय निवेशकों से वन टू वन टॉक कर 50 हजार करोड से अधिक निवेश लाने में सफलता अर्जित की है। यह है वास्तविक निवेश। इसमें ना एमओयू हुआ है बल्कि टाटा स्टील और अन्यों ने पंजाब में निवेश शुरु किया है। उन्होंने राज्य में सभी सरकारी स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंसी में तब्दील करने का ऐलान किया है।

केजरीवाल ने कहा कि इन स्कूलों में ऐसी शिक्षा प्रदान की जाएगी कि उद्योगपति जो यहां बैठे हैं , अगर उनके बच्चों को यहां पढ़ने के लिए मजबूर ना कर दिया तो हमारी पंजाब सरकार के होने का कोई फायदा नहीं है।

प्रदूषण में NOC लेने की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग

एक अन्य मांग में औद्योगिक यूनिटों पर 30 सितंबर तक पीक आवर्स के समय (शाम छह बजे से रात दस बजे तक) लगाए गए 2.40 रुपये प्रति बिजली यूनिट अतिरिक्त चार्ज को तत्काल समाप्त करने की मांग की गई है। रात के समय औद्योगिक इकाइयों का संचालन करने वाले कारोबारियों को बिजली बिल की दरों में एक रुपये कटौती की रिबेट देने की मांग की गई है। माइक्रो, स्माल, मीडियम इंटरप्राइजेज एमएसएमई यूनिटों को भी प्रोत्साहन देने के लिए रियायतें प्रदान करने की मांग की गई है। इसके अलावा साल 2022 में जारी नई उद्योग नीति में ग्रीन कैटेगरी बेस इंडस्ट्री के लिए भी पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेने की अनिवार्य शर्त को समाप्त करने की मांग की गई है।

3163 करोड़ रुपये फंड का करें इस्तेमाल

सेठ व जैन ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में उद्योग के लिए सरकार ने 3163 करोड़ रुपये रखे थे, इससे कई रियायतों के अलावा आधारभूत ढांचे की मजबूती के लिए इसका इस्तेमाल करने की बात सरकार ने कही थी लेकिन इस राशि का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। फोकल प्वाइंट और अन्य इंडस्ट्रियल एरिया में आधारभूत सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए इस फंड को खर्च किया जाना चाहिए।

जैन व सेठ ने ज्ञापन में कहा है कि लाहौरी गेट और इस्लामाबाद के बीच 200 औद्योगिक यूनिट चल रहे हैं, इनमें से अधिकांश ग्रीन बेस्ड इंडस्ट्रियल यूनिट्स हैं। उन्होंने कहा कि इस जगह सरकार सर्वे करवाकर इसे इंडस्ट्रियल एरिया घोषित करें।

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