विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अकाल तख्त ने बनाया सिख सेंसर बोर्ड, फिल्म रिलीज करने से पहले लेनी होगी मंजूरी

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Tue, 22 May 2018 08:48 PM (IST)Updated: Thu, 24 May 2018 08:48 PM (IST)

अकाल तख्त ने 21 सदस्यीय बोर्ड फिल्म सेंसर बोर्ड बनाया है। यह बोर्ड फिल्म की सामग्री की जांच करके अकाल तख्त को रिपोर्ट देगा।

अकाल तख्त ने बनाया सिख सेंसर बोर्ड, फिल्म रिलीज करने से पहले लेनी होगी मंजूरी
अकाल तख्त ने बनाया सिख सेंसर बोर्ड, फिल्म रिलीज करने से पहले लेनी होगी मंजूरी

जेएनएन, अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सिख धर्म से संबंधित फिल्मों के मामले में सख्ती दिखाते हुए फिल्म सेंसर बोर्ड की तर्ज पर 21 सदस्यीय सिख सेंसर बोर्ड का गठन कर दिया है। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को हिदायत दी है कि भविष्य में सिख धर्म से संबंधित फिल्म बनाने या दृश्यों को रिलीज करने से पहले निर्माता-निर्देशक श्री अकाल तख्त से लिखित मंजूरी हासिल करें। सिख धर्म पर कोई टीवी सीरियल बनाने पर भी यह मंजूरी लेनी होगी।

जत्थेदार ने बताया कि बोर्ड फिल्मों में सिख इतिहास, सिख विरासत, गुरु मर्यादा से संबंधित दृश्यों की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट श्री अकाल तख्त को भेजेगा। अकाल तख्त से मंजूरी के बाद ही फिल्म का निर्माण हो सकेगा। निर्माण के बाद रिलीज से पहले भी मंजूरी हासिल करनी होगी। दृश्यों व अन्य सामग्री की जांच के लिए गठित सेंसर बोर्ड का कोआर्डिनेटर  एसजीपीसी के उपसचिव (धर्म प्रचार कमेटी) सिमरजीत सिंह को बनाया गया है। 

ये हैैं बोर्ड के सदस्य

तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह तथा श्री दरबार साहिब के ग्रंथी मान सिंह को भी सिख सेंसर बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया गया है। अन्य सदस्यों में एसजीपीसी सदस्य भगवंत सिंह सियालका, हरदीप सिंह मोहाली, बीबी किरणजोत कौर, सचिव धर्म प्रचार कमेटी, डीएसजीपीसी के चेयरमैन (धर्म प्रचार) परमजीत सिंह, दमदमी टकसाल से ज्ञानी परङ्क्षमदर सिंह, ज्ञानी जसबीर सिंह रोडे आदि को शामिल किया गया है।

नानक शाह फकीर की रिलीज को लेकर हुआ था विवाद

हाल ही में धार्मिक फिल्म नानक शाह फकीर की रिलीज को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। अकाल तख्त ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाते हुए इसके निर्माता हरजिंदर सिंह सिक्का को पंथ से निष्कासित कर दिया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था, लेकिन सिख धर्म के रोष को देखते हुए पंजाब सहित कुछ और राज्यों में फिल्म रिलीज नहीं हुई थी।

यह भी पढ़ेंः जेब पर भारी पड़ रहे पेट्रोल-डीजल के उछलते दाम, ट्रांसपोर्टर करेंगे चक्का जाम