लखनऊ, जेएनएन। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश की राजधानी में 5 से 9 फरवरी, 2020 तक आयोजित होने वाले डिफेंस एक्सपो-2020 की तैयारियों की रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ समीक्षा की। इस प्रतिष्ठापरक आयोजन की तैयारियों से संतुष्ट राजनाथ ने कहा कि डिफेंस एक्सपो के आयोजन से उत्तर प्रदेश सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया में रक्षा और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण व आकर्षक गंतव्य बनेगा। डिफेंस एक्सपो उत्तर प्रदेश में विकसित किये जा रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर को गति देगा। 'मेक इन इंडिया' पर आधारित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर की स्थापना से भारत रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं बल्कि निर्यातक बनकर उभरेगा। 5 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिफेंस एक्सपो का उद्घाटन करेंगे।

डिफेंस एक्सपो की तैयारियों को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर ढाई घंटे तक चली बैठक में रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री के अलावा औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना तथा केंद्र व राज्य सरकार के आला अफसर शामिल हुए। बैठक के बाद योगी के साथ मीडिया से मुखातिब राजनाथ सिंह ने कहा कि डिफेंस एक्सपो 2020 अंतरराष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण ईवेंट है। आयोजन में भाग लेने वाले रक्षा उपकरणों और तकनीकों के प्रदर्शकों (एग्जिबिटर्स) की संख्या, आयोजन स्थल के क्षेत्रफल और इससे प्राप्त होने वाले राजस्व के आधार पर यह देश में अब तक का सबसे बड़ा डिफेंस एक्सपो होगा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि चेन्नई में 2018 में हुए पिछले डिफेंस एक्सपो में 702 प्रदर्शकों ने पंजीकरण कराया था, जबकि इस बार यह संख्या 925 हो चुकी है। चेन्नई का एक्सपो 80 एकड़ क्षेत्रफल पर आयोजित हुआ था। वहीं लखनऊ में होने जा रहा डिफेंस एक्सपो 200 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में आयोजित होगा। इसके अलावा डिफेंस एक्सपो का दूसरा भाग गोमती रिवर फ्रंट पर भी आयोजित होगा।

65 एमओयू होने की उम्मीद

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि डिफेंस एक्सपो में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शकों और निवेशकों ने अपनी सहमति दे दी है। कई निवेशकों ने निवेश के लिए सहमति पत्र (एमओयू) हस्ताक्षर करने की भी सहमति दे दी है। डिफेंस एक्सपो के दौरान 65 सहमति पत्र हस्ताक्षरित होने की उम्मीद है। निजी क्षेत्र को शामिल करने पर एमओयू की संख्या और बढ़ सकती है। कई प्रदर्शकों को स्थल आवंटन भी हो चुका है। बहुत सारे निवेशक उन स्थानों का भी मुआयना करना चाहेंगे जहां वे निवेश करना चाहते हैं। डिफेंस एक्सपो की तैयारियों पर संतोष जताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री की इसके आयोजन में विशेष रुचि लेने पर सराहना की। 

डिफेंस एक्सपो की चुनौती को अवसर में बदलेंगे

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में उप्र ने यूपी इन्वेस्टर्स समिट, 15वां प्रवासी भारतीय दिवस और प्रयागराज कुंभ समेत कई ऐसे आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न कराये जिनकी वैश्विक मंच से सराहना हुई। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में प्रदेश डिफेंस एक्सपो-2020 को भी कुशलतापूर्वक संपन्न करेगा। डिफेंस एक्सपो के आयोजन के सिलसिले में नई दिल्ली में हुई पहली बैठक में हम रक्षा मंत्री को यह आश्वासन दे चुके हैं। डिफेंस एक्सपो का आयोजन भी हमारे लिए चुनौती है। इसकी तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है और हम इसे भी अवसर में बदलेंगे। उन्होंने कहा कि डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के तहत छह नोड विकसित किये जा रहे हैं। राज्य सरकार की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी देश की सबसे आकर्षक नीति है जो डिफेंस कॉरीडोर को रफ्तार देने में सहायक होगी।

'डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ डिफेंस' होगी थीम

समीक्षा बैठक में भाग लेने आये रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव चंद्राकर भारती ने बताया कि डिफेंस एक्सपो की थीम 'डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ डिफेंस' होगी। इसके लिए सात फोकस एरिया चिन्हित किये गए हैं जिन्हें इंद्रधनुष नाम दिया गया है। एक्सपो में भाग लेने वाले 925 प्रदर्शकों में से 775 भारतीय और 150 विदेशी होंगे। भारतीय प्रदर्शकों में से 243 एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े हैं जिन्हें 50 फीसद रिबेट पर जमीन आवंटित की गई है। 

उप्र सरकार को तीन पैवेलियन

आयोजन की थीम पर आधारित आठ हैंगर स्थापित किये जाएंगे। इनके अलावा 2500 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक अलग इंडिया पैवेलियन स्थापित किया जाएगा जिसके लिए 200 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं प्रदेश में विकसित किये जा रहे डिफेंस कॉरीडोर को प्रोत्साहन देने के लिए 12000 वर्ग मीटर क्षेत्र पर उप्र सरकार के तीन पैवेलियन स्थापित किये जाएंगे। 

70 देशों ने दी सहमति, 7 देशों पर खास निगाहें

डिफेंस एक्सपो के आयोजन में शिरकत करने के लिए 135 देशों के रक्षा मंत्रियों, चीफ ऑफ स्टाफ तथा सेना व वायु सेना के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया था। इनमें से 70 देशों ने डिफेंस एक्सपो में शामिल होने के लिए सहमति दे दी है। इस आयोजन में सर्वाधिक प्रदर्शक और निवेशक सात देशों से आ रहे हैं। इनमें अमेरिका, रूस, फ्रांस, इजरायल, दक्षिण कोरिया, स्वीडेन और चेक गणराज्य शामिल हैं। यह सात देश अपने पैवेलियन स्थापित करेंगे। सबसे ज्यादा कारोबारी सौदे और एमओयू भी इन सात देशों के साथ ही होने की उम्मीद है। आयोजन का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के लिए रूस, पुर्तगाल, फ्रांस व दक्षिण कोरिया समेत आठ देशों में रोड शो आयोजित किये जा चुके हैं। वहीं देश में भी आठ स्थानों पर रोड शो आयोजित हो चुके हैं। पिछले हफ्ते ही रक्षा मंत्री ने डिफेंस एक्सपो-2020 का मोबाइल ऐप भी लांच किया है जिसमें क्यूआर कोड स्कैन करने पर इसकी सारी जानकारी मिलेगी।

आठ और नौ फरवरी को निश्शुल्क प्रवेश

रक्षा मंत्री ने बताया कि आठ और नौ फरवरी को डिफेंस एक्सपो आम जनता के लिए खुला रहेगा। इन तारीखों में लोग एक्सपो में निश्शुल्क प्रवेश पा सकेंगे। बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र लखनऊ में हथियारों का देश का सबसे बड़ा मेला लगने जा रहा है। लखनऊ में पांट से आठ फरवरी, 2020 के बीच आयोजित होने वाले 11वें डिफेंस एक्सपो इंडिया-2020 की थीम 'भारत : उभरता हुआ रक्षा विनिर्माण केंद्र' रखा गया है। डिफेंस सेक्टर में तेजी से उभरते उत्तर प्रदेश में आयोजित होने जा रहे इस मेले में दुनियाभर के अत्याधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इससे पहले लखनऊ में एयरो इंडिया शो होने वाला था, लेकिन राजनीतिक विरोध के चलते इसे रद कर गया था।

Posted By: Umesh Tiwari

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