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    प्रशांत किशोर व पवन वर्मा पर बड़ी कार्रवाई करेगा JDU, पार्टी दिखा सकती बाहर का रास्‍ता

    By Amit AlokEdited By:
    Updated: Thu, 23 Jan 2020 10:38 PM (IST)

    जेडीयू में लगातार पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी कर रहे प्रशांत किशोर व पवन वर्मा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। पार्टी स्‍तर पर इसके संकेत दिए गए हैं। जानिए मामला।

    प्रशांत किशोर व पवन वर्मा पर बड़ी कार्रवाई करेगा JDU, पार्टी दिखा सकती बाहर का रास्‍ता

    पटना [स्‍टेट ब्यूरो]। पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी तथा पार्टी के फैसले की सार्वजनिक आलोचना करने को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) व पवन वर्मा (Pawan Verma) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकती है। पार्टी उन्‍हें बाहर का रास्‍ता भी दिखा सकती है। प्रशांत किशोर व पवन वर्मा के बयानों पर जेडीयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह (Bashistha Narain Singh) ने कार्रवाई के इसके संकेत दिए हैं। इसके बाद खुद मुख्‍यमंत्री (CM) नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने भी कहा है कि जिसे जहां जाना हो, चले जाएं।

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    इस बीच उपमुख्‍यमंत्री (Dy. CM) व भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरीय नेता सुशील मोदी (Sushil Modi) ने प्रशांत किशोर को आड़े हाथों लेते हुए उनपर गठबंधन तोड़ने का बहाना खोजने का आरोप लगाया है।

    अगली बैठक करेंगे दोनों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश

    नीतीश कुमार की नसीहत के पहले ही वशिष्‍ठ नारायण सिंह ने कहा कि प्रशांत किशोर व पवन वर्मा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। वशिष्‍ठ नारायण सिंह ने यह तो कहा कि वे कार्रवाई की सिफारिश अगली बैठक करेंगे, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि पार्टी की अगली बैठक कब होगी। उन्‍होंने यह भी कहा कि दोनों के बयान से पार्टी की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। उनलोगों ने कहीं जाने का मन बना लिया है तो वे स्वतंत्र हैं।

    सीएए व दिल्‍ली में बीजेपी से गठबंधन का कर रहे विरोध

    प्रशांत किशोर लगातार नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध कर रहे हैं। जबकि, जेडीयू ने संसद (Parliament) के दोनों सदनों में इसके पक्ष में मतदान किया था। पवन वर्मा की नाराजगी इस बात को लेकर है कि जेडीयू ने दिल्ली विधानसभा के चुनाव (Delhi Assembly Election) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ सीटों का तालमेल क्यों किया। इस सवाल पर वर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र भी लिखा है।

    भाषा बता रही, दूसरे दल से संपर्क में हैं दोनों नेता

    प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि पवन वर्मा का पार्टी ने हमेशा सम्मान किया है। पार्टी के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं रही है। इसके बावजूद उन्हें राज्यसभा में भेजा गया। आज वे जिस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, वह कहीं से उचित नहीं है। आदमी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उसी हालत में करता है, जब उसकी बातचीत किसी दूसरे दल से चल रही हो।

    दिए संकेत: किस आधार पर पार्टी करेगी कार्रवाई

    उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) कई बार कह चुके हैं कि नया कानूून किसी को नागरिकता (Citizenship) से वंचित करने के इरादे से नहीं बनाया गया है। राष्‍ट्रीय नागरिक रजिस्‍टर (NRC) के बारे में भी केंद्र सरकार की ओर से स्पष्टीकरण दिया जा चुका है। इसके बाद भी इन विषयों को मुद्दा बनाने का कोई तुक नजर नहीं आता है। सिंह ने इशारे में कहा कि प्रशांत किशोर और पवन वर्मा कांग्रेस या किसी अन्य दल के संपर्क में हैं। पार्टी इसी आधार पर बड़ी कार्रवाई भी करेगी।

    सुशील मोदी बोले: वे खोज रहे गठबंधन तोड़ने के बहाने

    इस बीच प्रशांत किशोर के बयानों पर हमलावर बीजेपी नेता व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने बीजेपी व जेडीयू के गठबंधन को दो दशक पुराना व अटूट बताया है। साथ ही यह भी कहा है कि उनकी सरकार 12 करोड़ बिहारवासियों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। दोनों दल बिहार से बाहर भी मिल कर काम करने की जमीन तैयार कर रहे हैं।  इससे जिनकी छाती फट रही है, वे गठबंधन तोड़ने के लिए बहाने खोज रहे हैं।