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समाजवादी पार्टी को हराने के लिए BSP मुखिया मायावती BJP से भी समझौता करने को तैयार

BSP-SP War मायावती ने कहा कि हमको किसी भी कीमत पर समाजवादी पार्टी से गठबंधन नहीं करना चाहिए था। हमने बाद में अपनी इस बड़ी गलती का एहसास किया। हमारी पार्टी ने बीते लोकसभा चुनाव के दौरान सांप्रदायिक ताकतों से लडऩे के लिए समाजवादी पार्टी के साथ हाथ मिलाया था।

By Dharmendra PandeyEdited By: Published: Thu, 29 Oct 2020 10:36 AM (IST)Updated: Thu, 29 Oct 2020 04:14 PM (IST)
मायावती ने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से हमारा गठबंधन जल्दबाजी में लिया गया फैसला था

लखनऊ, जेएनएन। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से गठबंधन को अपनी बड़ी भूल बताया है। मायावती ने गुरुवार को मीडिया संदेश में कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से हमारा गठबंधन जल्दबाजी में लिया गया फैसला था, जिसके अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। समाजवादी पार्टी भरोसा करने लायक नहीं है।

मायावती ने कहा कि हमको किसी भी कीमत पर समाजवादी पार्टी से गठबंधन नहीं करना चाहिए था। हमने बाद में अपनी इस बड़ी गलती का एहसास किया। हमारी पार्टी ने बीते लोकसभा चुनाव के दौरान सांप्रदायिक ताकतों से लडऩे के लिए समाजवादी पार्टी के साथ हाथ मिलाया था। इसका परिणाम अच्छा नहीं रहा। समाजवादी पार्टी अपने परिवार की लड़ाई के कारण बहुजन समाज पार्टी के साथ उस गठबंधन से अधिक लाभ नहीं ले सके। हम भी उतने लाभ में नहीं रहे। लोकसभा चुनाव के बाद तो समाजवादी पार्टी के नेताओं ने हमसे संवाद ही बंद कर दिया, जैसे हमको जानते ही नहीं होंगे। उनके इस रवैये के कारण हमने भी उनसे संबंध का पटाक्षेप कर दिया।  

मायावती ने कहा कि लोकसभा चुनाव में एनडीए को सत्ता में आने से रोकने के लिए हमारी पार्टी ने उस समाजवादी पार्टी के साथ हाथ मिलाया, जिसने अपनी सरकार के कार्यकाल में मेरी हत्या का षडयंत्र किया था। उस बड़े षड्यंत्र की घटना को भूलाते हुए हमने देश में संकीर्ण ताकतों को कमजोर करने के लिए सपा के साथ गठबंधन करके लोकसभा चुनाव लड़ा था। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव तो गठबंधन होने के पहले दिन से ही हमारी पार्टी के सतीशचंद्र मिश्रा से यह कहते रहे कि अब तो गठबंधन हो गया है तो बहनजी को 2 जून के मामले को भूला कर केस वापस ले लेना चाहिए। इसी कारण हमको चुनाव के दौरान केस वापस लेना पड़ा।

मायावती ने कहा है कि सपा को सबक सिखाने के लिए वो भाजपा को वोट देना पड़ा तो भी पीछे नहीं हटेंगी। एमएलसी के चुनाव में बीएसपी जैसे को तैसा जवाब देने के लिए पूरा जोर लगाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि 2003 में अखिलेश के पिता ने भी यही गलत काम किया था, जिसके बाद 2007 में बीएसपी की सरकार बनी। मायावती ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में आने वाले विधान परिषद के चुनाव में हम समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को बुरी तरह हराएंगे। इसके लिए हम तो अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे। इसके लिए अगर हमें भाजपा या किसी अन्य पार्टी के प्रत्याशी को अपना वोट देना पड़े तो हम वो भी करेंगे।

मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी का एक और दलित विरोधी चेहरा हमें कल राज्यसभा के पर्चों के जांच के दौरान देखने को मिला। जिसमें सफल न होने पर यह खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे की तरह पार्टी जबरदस्ती बहुजन समाज पार्टी पर भारतीय जनता पार्टी के साथ सांठगांठ करके चुनाव लड़ने का गलत आरोप लगा रही है।मायावती ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा है कि उन्होंने बहुजन समाज के लोगों का अनादर किया है। जो भी विधायक पार्टी से बागी हुए है। उनकी सदस्यता दल बदल कानून के तहत समाप्त करने की भी पैरवी करेंगी।

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