चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल] । Haryana assembly के विशेष सत्र में पूर्व मुख्‍यमंत्री और नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा विशाल हरियाणा का मुद्दा उठाकर घिर गए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने उनको इसके लिए निशाने पर ले लिया। हुड्डा ने विधानसभा में कहा कि विशाल हरियाणा बनाया जाए और दिल्‍ली इसकी राजधानी हाे। भाजपा ने हुड्डा के प्रस्‍ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा कि इससे कांग्रेस का चेहरा उजागर हुआ है। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने उन पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि हुड्डा ने विशाल हरियाणा की बात कर चंडीगढ पर राज्‍य के दावे को कमजोर किया है। मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने हुड्डा के प्रस्‍ताव को अगंभीर बताया।

भाजपा ने किया खारिज, सीएम मनोहर और अनिल विज ने उठाए हुड्डा की मांग पर सवाल

नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में नया मुद्दा उठा दिया। हुड्डा ने कहा कि विशाल हरियाणा संविधान निर्माताओं का सपना था और अब इसे पूरा करने का समय आ गया है। उन्‍होंने कहा कि विशाल हरियाणा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों को शामिल किया जाए और दिल्ली को इस महा प्रदेश की राजधानी बनाया जाए।

इसके बाद राज्‍य के गृह मंत्री अनिल विज ने विशाल हरियाणा का मुद्दा भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर साधा निशाना साधा।

विज ने कहा कि हुड्डा ने विशाल हरियाणा की बात करके राजधानी चंडीगढ़ पर हरियाणा के दावे को कमजोर किया है। उन्‍होंने कहा कि इससे साफ है कि कांग्रेस ने ह‍रियाणा के लिए चंडीगढ़ पर दावा छोड़ दिया है। यह कांग्रेस की असलियत को स्‍पष्‍ट करता है।

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विज ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा के रोहतक के नज़दीक दिल्ली है इसलिए वह दिल्ली को राजधानी बनाने की बात कर रहें हैं। बता दें कि विज पहले भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर हमले करते रहे हैं। उन्‍होंने कई बाद अपने बयानों और ट्वीट कर हुड्डा पर निशाना साधा है।

हुड्डा के कहा- पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के भरतपुर इलाके को मिलाकर बने विशाल हरियाणा

हुड्डा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के भरतपुर इलाके को शामिल कर विशाल हरियाणा बनाने का प्रस्ताव दिया। हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि उनके पिता रणबीर सिंह हुड्डा भी संविधान निर्माता सभा के सदस्य रह थे। हरियाणा (पहले पूर्वी पंजाब) से जिन तीन लोगों का संविधान बनाने में योगदान रहा है, उनमें उनके पिता के अलावा निहाल सिंह तक्षक और ठाकर दास भार्गव भी शामिल हैैं।

हुड्डा ने कहा कि 2 अगस्त 1949 को जब पंजाब के विभाजन की बात चली थी, तब उनके पिता रणबीर सिंह ने विशाल हरियाणा का प्रस्ताव दिया था। उनका यह सुझाव आज भी प्रासंगिक है। हुड्डा ने कहा, विधानसभा में मैं अपने पिता की पुरानी बात को दोहरा रहा हूं। इसलिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश और भरतपुर समेत राजस्थान के कुछ इलाकों को मिलाकर विशाल हरियाणा बनाने की दिशा में सोचा जाना चाहिए। विशाल हरियाणा बन जाए तो दिल्ली इसकी राजधानी होनी चाहिए।            

पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि जिस भावना से देश आजाद हुआ था, उसी भावना से देश के संविधान को अंगीकार-स्वीकार किया जाना चाहिए। स्कूल और कालेजों में संविधान पर चर्चा हो। नई पीढ़ी को संविधान बनाने वालों के बारे में जानकारी दी जाए। पाकिस्तान में लाेकतंत्र नहीं है। भारत में संविधान लोकतंत्र की बड़ी ताकत है।     

कांग्रेस विधायक भी रह गए हैरान, कुलदीप और भजनलाल पहले कर चुके मांग

विधानसभा में हुड्डा द्वारा उठाई गई इस मांग पर कांग्रेस विधायक खुद हैरान रह गए। कई विधायकों ने हुड्डा से उनके इस प्रस्ताव पर भोजन के समय चर्चा भी की। हुड्डा उन्हें यह समझाने में कामयाब रहे कि विशाल हरियाणा बनने के क्या फायदे हो सकते हैं। हुड्डा से पहले एक बार कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई और उनसे पहले उनके पिता स्व. भजनलाल ने भी ऐसा ही प्रस्ताव दिया था। तब उनके प्रस्ताव को खास समर्थन नहीं मिल पाया था।   

'विशाल हरियाणा का प्रस्ताव हुड्डा का निजी मामला'   

'' विशाल हरियाणा का प्रस्ताव हुड्डा का निजी प्रस्ताव हो सकता है। इस बारे में विधानसभा में कोई चर्चा नहीं हुई। भाजपा ऐसे किसी भी प्रस्ताव से सहमत नहीं है। गंभीरता से कोई बात आएगी तो चर्चा करेंगे।

                                                                                             - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा।

'क्या हुड्डा ने चंडीगढ़ पर दावेदारी छोड़ दी

'' भूपेंद्र सिंह हुड्डा दो बार यानी दस साल तक सीएम रहे। उन्होंने विशाल हरियाणा बनाकर दिल्ली को राजधानी तब क्यों नहीं बनाया। वैसे तो इस प्रस्ताव की कोई गंभीरता नहीं है। अगर हुड्डा की बात पर गौर कर भी लिया जाए तो क्या कांग्रेस चंडीगढ़ पर राजधानी के रूप में हरियाणा की दावेदारी को छोडऩे जा रही है? पहले उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए। भाजपा चंडीगढ़ पर हरियाणा की दावेदारी नहीं छोड़ेगी।

                                                                                                     - अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा।

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