नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी] आइएनएक्स मीडिया मनी लॉंड्रिंग (INX Media Money Laundering Case) मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) की अंतरिम जमानत याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है। इससे पहले मेडिकल बोर्ड ने पी चिदंबरम की स्वास्थ्य से संबंधित रिपोर्ट को हाई कोर्ट में सौप दी।

मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने चिदंबरम को राहत नहीं दी। कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन को आदेश दिया है कि चिदंबरम के पास दिन में दो बार सफाई हो। इसके अलावा उन्हें मिनिरल वाटर, मच्छर से बचाव की सुविधा और मॉस्क दिए जाएं। कोर्ट ने सप्ताह में ब्लड सुगर जांच का भी आदेश दिया है। 

कोर्ट ने दिया था मेडिकल बोर्ड का गठन करने का निर्देश

पी चिदंबरम की स्वास्थ्य स्थिति पर राय देने के लिए हाई कोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक को बृहस्पतिवार शाम तक मेडिकल बोर्ड का गठन करने का निर्देश दिया था। न्यायमूर्ति सुरेश कैट की पीठ ने कहा कि इस बोर्ड में चिदंबरम का उपचार करने वाले हैदराबाद स्थित एशियन इंस्टीट्यूट गैस्ट्रोथेरोलॉजी (एआइजी) के नागेश्वर रेड्डी को भी शामिल किया जाए, ताकि वह चिदंबरम के स्वास्थ्य पर राय दे सकें।

पीठ ने स्पष्ट किया था कि बृहस्पतिवार शाम सात बजे तक मेडिकल बोर्ड बैठक कर ले। यदि डॉक्टर रेड्डी तब तक हैदराबाद से दिल्ली नहीं पहुंच पाते हैं, तो बैठक शुक्रवार को सुबह दस बजे होगी, ताकि वह अपनी राय दे सकें। इससे पहले याचिका पर चिदंबरम की तरफ से बहस करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस नेता को उपचार के लिए उनके खर्च पर हैदराबाद ले जाना चाहिए क्योंकि उन्हें जीवाणु रहित वातावरण की जरूरत है।

सिब्बल पर अदालत ने जताई थी नाराजगी

सिब्बल ने अदालत में नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सरकार एक व्यक्ति को जीवाणु रहित वातावरण नहीं देना चाहती तो वह अपनी याचिका वापस ले रहे हैं और वह कुछ नहीं चाहते। सिब्बल के इस बर्ताव से खफा पीठ ने कहा ठीक है आपकी याचिका खारिज की जाती है। हालांकि, बाद में उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि चिदंबरम को अपोलो अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सकता है या फिर डॉक्टर रेड्डी को बुलाया जा सकता है।

यह है मामला

स्वास्थ्य का हवाला देते हुए चिदंबरम ने छह दिन की अंतरिम जमानत देने की मांग नियमित जमानत याचिका के जरिये की है। यह याचिका 4 नवंबर के लिए सूचीबद्ध है। अभी चिदंबरम न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने दावा किया है कि 5 अक्टूबर से उन्हें पेट में दर्द है और तत्काल उपचार की जरूरत है। एम्स की दवाइयां भी असर नहीं कर रही हैं।

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