YS Jagan Mohan Reddy: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी बनेंगे वाईएसआर कांग्रेस के आजीवन अध्यक्ष, आज होगा चुनाव
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को आज वाईएसआर कांग्रेस का आजीवन अध्यक्ष चुना जाएगा। हालांकि वाईएसआर कांग्रेस को जगन मोहन रेड्डी को जीवन भर पार्टी प्रमुख रहने देने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति लेनी होगी।
अमरावती, पीटीआइ। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी (YS Jagan Mohan Reddy) शनिवार को युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष के रूप में फिर से चुने जाएंगे। माना जा रहा है कि इस बार चुने जाने के बाद वे आजीवन अध्यक्ष बने रहेंगे। वाईएसआर कांग्रेस (YSR Congress) की दो दिवसीय बैठक के समाप्त होने पर जगन मोहन रेड्डी के जीवन भर के लिए पार्टी अध्यक्ष बने रहने के लिए आज दोपहर चुनाव होगा। जगन ने कांग्रेस छोड़ने के बाद मार्च 2011 में वाईएसआर कांग्रेस की स्थापना की। तब से, वह अपनी मां व मानद अध्यक्ष विजयम्मा के साथ पार्टी अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं। वह आखिरी बार 2017 में वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे।
विजयम्मा ने दिया मानद अध्यक्ष पद से इस्तीफा
विजयम्मा ने शुक्रवार को कथित तौर पर परिवार में चल रही दरार के कारण मानद अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी शर्मिला के साथ खड़े होने के लिए वाईएसआर कांग्रेस छोड़ रही हैं। शर्मिला अब पड़ोसी राज्य में वाईएसआर तेलंगाना पार्टी का नेतृत्व कर रही हैं।
भारत निर्वाचन आयोग की लेनी होगी अनुमति
अपने संविधान में संशोधन करने पर, वाईएसआर कांग्रेस को जगन मोहन रेड्डी को जीवन भर पार्टी प्रमुख रहने देने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति लेनी होगी। वाईएसआरसी कुछ उदाहरणों का हवाला दे रहा है, जिसमें अन्य राज्यों में कुछ क्षेत्रीय दलों ने हर दो साल में चुनाव कराने की आवश्यकता के बिना जीवन भर के लिए एक अध्यक्ष के लिए निर्वाचन आयोग की मंजूरी हासिल की है।
95 प्रतिशत वादों को पूरा किया- जगन मोहन रेड्डी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में उनकी सरकार ने 2019 के चुनाव में पार्टी द्वारा घोषणा पत्र में किए गए 95 प्रतिशत वादों को पूरा किया है।
जगन मोहन रेड्डी ने 30 मई 2019 को ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
जगन मोहन रेड्डी 2019 के विधानसभा चुनाव में वाईएसआर कांग्रेस की प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 30 मई को पद और गोपनीयता की शपथ ली। उन्हें तत्कालीन राज्यपाल ई.एस.एल नरसिम्हन ने शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और एमके स्टालिन भी मौजूद रहे। विधानसभा चुनाव में वाईएसआरसी ने पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी को करारी शिकस्त दी थी।
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