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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

2 BHK फ्लैट, 700 रुपये किराया... 28 साल तक गुवाहाटी में रेंट पर क्यों रहे मनमोहन सिंह? मकान मालकिन ने बताई वजह

Published: Fri, 27 Dec 2024 06:18 PM (IST)

छह बार राज्यसभा सांसद रहे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने 28 साल तक असम के गुवाहाटी में एक मकान ...और पढ़ें

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार की रात निधन हो गया।(फोटो सोर्स: पीटीआई)
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार की रात निधन हो गया।(फोटो सोर्स: पीटीआई)

HighLights

  1. हमेशा समय पर और चेक के माध्यम से किराया चुकाते थे डॉ मनमोहन सिंह
  2. असम के पूर्व मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया के निजी आवास पर रहते थे पूर्व पीएम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने गुरुवार (26 दिसंबर) की रात नई दिल्ली के एम्स में आखिरी सांस ली। वो देश के इकलौते ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो कभी लोकसभा के सदस्य नहीं रहे। वह छह बार राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे।

वो साल 1991 में वह कांग्रेस के टिकट पर असम से पहली बार राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। पूर्व प्रधानमंत्री लगातार पांच बार असम से राज्यसभा सांसद रहे। इसी वजह से असम को डॉ मनमोहन सिंह का दूसरा घर कहा जाने लगा। जब तक वो असम से राज्यसभा सांसद निर्वाचित रहे उनका पता, गुवाहाटी के नंदन नगर स्थित हाउस नंबर 3989 रहा।

राज्यसभा सांसद बनने के लिए किराया पर लिया था मकान 

हालांकि, डॉ मनमोहन सिंह के लिए असम से राज्यसभा सदस्य बनना इतना आसान नहीं रहा। 2 BHK का यह अपार्टमेंट, असम के पूर्व मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया का निजी आवास था।

हितेश्वर सैकिया की पत्नी और मनमोहन सिंह की मकान मालकिन हेमोप्रवा सैकिया ने बताया था," तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव, मनमोहन सिंह को अपना वित्त मंत्री बनाना चाहते थे। उन्होंने मेरे पति से इस बात पर विचार किया। उन्होंने सुझाव दिया कि उन्हें राज्यसभा सांसद बनाया जाए।

हालांकि, कुछ लोग नहीं चाहते थे कि मनमोहन सिंह असम से राज्यसभा सांसद बने। उन लोगों ने अदालत में चुनौती दी कि डॉ मनमोहन सिंह के पास असम में कोई संपत्ति नहीं है। इस लिहाज से उन्हें असम से राज्यसभा सांसद न बनाया जाए। हालांकि, कोर्ट ने फैसला दिया है कि राज्य से राज्यसभा में मनोनीत होने के लिए किसी व्यक्ति के पास असम में संपत्ति होना जरूरी नहीं है।"

चेक के जरिए किराया चुकाते थे मनमोहन सिंह 

हेमोप्रवा सैकिया ने कहा,"इसके बाद हमने अपार्टमेंट किराए पर देने की पेशकश की। इसके बाद 700 रुपये के किराए पर उन्हें मकान दिया गया। वे हमेशा समय पर और चेक के माध्यम से किराया चुकाते थे।"

हेमोप्रवा सैकिया ने बताया कि डॉ मनमोहन सिंह की सादगी को याद करते हुए कहा कि वो बहुत ईमानदार व्यक्ति थे। जब भी वो असम आते सिर्फ पारिवारिक बातचीत करते।

जब वो प्रधानमंत्री बने तो उन्हें कई लोगों ने कहा कि वो अपना असम में अपना आवास बदल लें, लेकिन उन्होंने कहा कि इस अपार्टमेंट से उनकी कई यादें जुड़ी है। यह मकान हमेशा अब डॉ मनमोहन सिंह की यादें समेटकर रखेगा।

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