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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'सामना' के जरिए उद्धव ठाकरे का देवेंद्र फडणवीस पर हमला, लिखा- अब असहिष्णु और अहंकारी हो गए हैं उपमुख्यमंत्री

By AgencyEdited By: Mahen Khanna
Published: Sat, 19 Aug 2023 04:45 PM (IST)

Maharashtra Politics सामना के लेख में दावा किया गया कि जब से फडणवीस को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है तब से ...और पढ़ें

Maharashtra Politics 'सामना' के लेख के जरिए फडणवीस पर उद्धव का कटाक्ष।
Maharashtra Politics 'सामना' के लेख के जरिए फडणवीस पर उद्धव का कटाक्ष।

मुंबई, एजेंसी। Maharashtra Politics शिवसेना (यूबीटी) ने भाजपा नेता देवेन्द्र फडणवीस पर हमला बोला है। 'सामना' अखबार के जरिए उद्धव ठाकरे ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, जब से उन्हें राज्य का उप मुख्यमंत्री बनाया गया है तब से वह असहिष्णु और अहंकारी हो गए हैं।

उद्धव का फडणवीस पर हमला

शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में दावा किया कि फडणवीस पहले एक सहिष्णु व्यक्ति थे, लेकिन उप मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद उनकी हताशा के कारण वह असहिष्णु और अहंकारी हो गए। हालांकि, सत्तारूढ़ भाजपा ने मराठी दैनिक के संपादकीय अंश में इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति जताई, जिसके संपादक सेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे हैं, जबकि कार्यकारी संपादक पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय राउत हैं।

अजित पवार को लेकर घेरा 

वह फडणवीस ही थे, जिन्होंने एक बार कहा था कि वह अजीत पवार को जेल भेजेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें कठोर कारावास मिले। लेकिन अब उन्हीं अजीत पवार के साथ सत्ता साझा करके फडणवीस वास्तव में क्या कर रहे हैं? 

संपादकीय में कहा गया,

देवेंद्र फड़णवीस (2019 विधानसभा चुनाव के बाद) सत्ता में लौट आए होते, अगर उन्होंने शिवसेना को धोखा नहीं दिया होता। हालांकि, दिल्ली में उनकी पार्टी के शीर्ष नेताओं ने उन्हें दरकिनार कर दिया और उन्हें उप मुख्यमंत्री बना दिया। 

मर्यादा न तोड़े उद्धवः चन्द्रशेखर

महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चन्द्रशेखर बावनकुले ने कहा कि राजनीतिक विरोधियों की आलोचना करते समय मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने 'सामना' के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की भी चेतावनी दी और कहा कि इनकी "कटुता" को रोकने की जरूरत है।

2019 में दोनों पार्टियों के रास्ते हुए अलग

बता दें कि फडणवीस 2014 और 2019 के बीच राज्य के मुख्यमंत्री थे जब भाजपा और शिवसेना (अविभाजित) ने सत्ता साझा की थी। 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद साझा करने को लेकर दोनों पार्टियों के रास्ते अलग हो गए। बाद में ठाकरे ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार बनाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस से हाथ मिलाया।

हालांकि, जून 2022 में उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे के 39 अन्य विधायकों के साथ विद्रोह करने और भाजपा से हाथ मिलाने के बाद ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार से सत्ता छीन ली गई। शिंदे मुख्यमंत्री बने, जबकि फडणवीस को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।

पिछले महीने एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार और उनकी पार्टी के विधायक भी शिंदे सरकार में शामिल हुए थे और पवार को डिप्टी सीएम बनाया गया था।

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