राजकोट, प्रेट्र। दो कांग्रेस विधायकों और एक पूर्व भाजपा सांसद समेत 10 लोगों को दंगा और तोड़फोड़ के मामले में एक साल कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह मामला 2008 में दर्ज किया गया था।

एडीशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रूपा एस. राजपूत ने जूनागढ़ और वांकानेर से कांग्रेस विधायकों भीकाभाई जोशी और मुहम्मद जावेद पीरजादा के साथ-साथ राजकोट पूर्व से पूर्व कांग्रेस विधायक इंद्रनील राज्यगुरु, पूर्व भाजपा सांसद देवजी फतेपारा और छह अन्य को दोषी ठहराया और एक साल कारावास व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी 10 दोषियों को पांच-पांच हजार रुपये के बांड पर जमानत प्रदान कर दी गई।

179 नेताओं के खिलाफ केस हुआ था दर्ज

इस मामले में दिसंबर, 2008 में 179 नेताओं के खिलाफ प्रद्युम्न नगर पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था। इन नेताओं ने जमीन कब्जाने के मामले में तत्कालीन कांग्रेस विधायक कुंवरजी बावलिया की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन में करीब 1,500 लोगों की भीड़ का नेतृत्व किया था। बावलिया अब भाजपा में हैं।

दोषी ठहराए गए छह अन्य लोगों में राजकोट जिला दुग्ध सहकारी समिति के अध्यक्ष गोविंद रणपरिया के अलावा कांग्रेस नेता अशोक डांगर, जसवंत सिंह भाटी, महेश राजपूत, भीखू वडोडरिया और गोवर्धन दमेलिया शामिल हैं। ये नेता बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।

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