अटल स्मृति: इन तस्वीरों में साफ झलकती है वाजपेयी की सादगी
खाने और पीने के शौकीन वाजपेयी जब अपने पैतिृक गांव आए तो यहां के लोगों को ऐसा कभी नहीं लगा कि वह इतनी बड़ी शख्सियत हैं। यही वजह है कि अटल हर किसी के प्रिय थे।
नई दिल्ली (जागरण स्पेशल)। अटल बिहारी वाजपेयी का नाता सिर्फ नेताओं तक ही सीमित नहीं था बल्कि वह जितने चहेते राजनीति में थे बल्कि उतने ही आम लोगों में भी थे। यह चीज उनके पुराने फोटो में भी दिखाई देती है। उनके कुछ ऐसे ही अनदेखे फोटो आज हम आपको दिखा रहे हैं, जिनमें उनकी सादगी का एहसास साफतौर पर किया जा सकता है। खाने और पीने के शौकीन वाजपेयी कहीं भी जाते थे तो वहां के स्थानीय लोगों में घुल-मिल जाते थे। अपने पैतिृक गांव में जब वह कभी आए तो यहां के लोगों को ऐसा कभी नहीं लगा कि वह इतनी बड़ी शख्सियत हैं। यही वजह है कि अटल हर किसी के प्रिय थे।
फोटो के माध्यम से आप भी देखें उनसे जुड़ी कुछ खास यादें
सन 1965 में गोरक्षा के ऐतिहासिक आंदोलन के विषय पर आगरा के वृंदावन में संत समाज की गोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते अटल बिहारी वाजपेयी। साथ में मौजूद हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सर संघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय व अन्य।
सन 1978 में विदेश मंत्री रहते हुए फीरोजाबाद आगमन पर राम नगर स्थित डॉ. आंबेडकर की मूर्ति का अनावरण करने खुली जीप में जाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एवं स्थानीय नेता।
मथुरा में जमीन पर बैठकर भोजन करते पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी। साथ है बांकेबिहारी माहेश्वरी।
माता-पिता समेत अपने पूरे परिवार के साथ अटल बिहारी वाजपेयी (सबसे बाएं)।
आगरा में अपने पैतृक गांव बटेश्वर में जब अटल जी आते थे तो मस्ती में खो जाते थे। सालों पहले यमुना किनारे स्नान करने के बाद ग्रामीणों के साथ फोटो खिंचाते अटल जी।
अपने पैतृक गांव आगरा में ग्रामीणों के साथ जाते अटल बिहारी वाजपेयी।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी साथ में पं.दीनदयाल उपाध्याय।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्वागत करते धर्मदेव सोलंकी।
24 दिसंबर, 2002 को दिल्ली मेट्रो के उद्घाटन के बाद मेट्रो पर सफर के लिए स्मार्ट कार्ड लेते तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी। साथ में लालकृष्ण आडवाणी और दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित।
एनडीए से अलग होने के बावजूद वाजपेयी के साथ ममता बनर्जी का संपर्क बना रहा। ममता हर साल 25 दिसंबर को जन्मदिन पर उन्हें बधाई देना नहीं भूलती थीं।
साल 2004 में सौरव गांगुली की कप्तानी वाली टीम इंडिया 5 वनडे और 3 टेस्ट की सीरीज के लिए पाकिस्तान गई। दौरे से पहले उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पूरी टीम इंडिया से मुलाकात की।
अजमेरी गेट में स्थित तब के भारतीय जनसंघ के इसी छोटे कार्यालय में रुकते थे अटल बिहारी वाजपेयी।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उत्तराखंड से गहरा नाता रहा। उत्तराखंड देश के मानचित्र पर अलग राज्य के रूप में वजूद में आया, तो इसमें सबसे निर्णायक भूमिका उन्हीं की थी। फाइल फोटो
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