नई दिल्ली (एएनआइ)। 'संपर्क फॉर समर्थन अभियान' के तहत भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को शिव सेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे से उनके निवास मातोश्री पर जाकर मुलाकात की। दोनों के बीच क्या बात हुई, इसका पता नहीं लग सका है, लेकिन इस बीच शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत का बड़ा बयान अाया है। उन्होंने कहा, 'हम जानते हैं कि अमित शाह जी का एजेंडा क्या है, लेकिन शिवसेना ने एक प्रस्ताव पारित किया है कि हम अकेले आगामी चुनावों में उतरेंगे। इस संकल्प में कोई बदलाव नहीं होगा।'

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एनडीए के साथियों को मनाने की पहल में लगे हैं। हालांकि ये कोशिश कितना रंग लाएगी ये तो भविष्य ही बताएगा। लेकिन वर्तमान में तो यही लग रहा है कि शिवसेना का मूड बदलने का कोई इरादा नहीं है। शिवसेना ने मन बना लिया है कि वे अपने दमखम पर ही चुनाव मैदान में उतरेगी।

एनडीए में शिवसेना भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टियों में से एक रही है। अलबत्ता हाल के कुछ समय में दोनों के बीच तल्खी बढ़ी है। 28 मई को हुए पालघर उपचुनाव में दोनों ने अलग-अलग हाथ आजमाए थे। शिवसेना ने हार के बाद यहां तक कहा था कि भाजपा उसकी सबसे बड़ी राजनीतिक दुश्मन है।

बुधवार को सामना में लिखे एक लेख के जरिए शिवसेना ने पूछा था कि मोदी सरकार बनने के चार साल बाद मीटिंग की जरूरत क्यों पड़ रही है। उपचुनाव में मिली हार तो इसकी वजह नहीं है। उद्धव ने भी एलान किया था कि सेना अकेले चुनावी मैदान में उतरेगी।

Edited By: Nancy Bajpai