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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शिवसेना का नाम और चिन्ह खोने के बाद उद्धव ठाकरे को शरद पवार ने दी नसीहत, इंदिरा गांधी की सुनाई कहानी

By AgencyEdited By: Mahen Khanna
Published: Sat, 18 Feb 2023 03:23 AM (IST)Updated: Sat, 18 Feb 2023 05:24 AM (IST)

Sharad Pawar on ECI Order उद्धव से शिवसेना का नाम छिन जाने के बाद शरद पवार ने उन्हें नई नसीहत ...और पढ़ें

Sharad Pawar on ECI Order शरद पवार।
Sharad Pawar on ECI Order शरद पवार।

पुणे, एजेंसी। उद्धव ठाकरे गुट से शिवसेना का नाम और "धनुष और तीर" प्रतीक छिन जाने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने उद्धव को नसीहत दी है। अपने सहयोगी को लेकर टिप्पणी करते हुए शरद ने कहा कि इससे कोई बड़ा प्रभाव नहीं होगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोग नए प्रतीक को स्वीकार करेंगे।

ठाकरे से नया सिंबल लेने को कहा

पवार की टिप्पणी भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के उस आदेश के बाद आई है जिसमें कहा गया है कि पार्टी का नाम "शिवसेना" और पार्टी का प्रतीक "धनुष और तीर" एकनाथ शिंदे गुट को दिया जाएगा। एनसीपी प्रमुख ने ठाकरे से चुनाव आयोग के फैसले को स्वीकार करने और नया सिंबल लेने को कहा।

पुराने चुनाव चिह्न के चले जाने का कोई बड़ा असर नहीं

शरद पवार ने कहा, ''यह चुनाव आयोग का फैसला है। एक बार फैसला हो जाने के बाद कोई चर्चा नहीं हो सकती। इसे स्वीकार करें और नया चुनाव चिह्न लें।'' शरद पवार ने कहा कि पुराने चुनाव चिह्न के चले जाने का कोई बड़ा असर नहीं होने वाला है क्योंकि लोग नए वाले को स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह बस 15 दिनों कर ही चर्चा का विषय रहेगा बाद में सब भूल जाएंगे।

इंदिरा और कांग्रेस की कहानी सुनाई

शरद पवार ने कांग्रेस के सिंबल दो बैलों को हाथ के साथ बदलने की याद दिलाई और कहा कि लोग उद्धव ठाकरे गुट के नए सिंबल को उसी तरह स्वीकार करेंगे जैसे उन्होंने कांग्रेस के नए सिंबल को स्वीकार किया था। शरद पवार ने कहा कि मुझे याद है कि इंदिरा गांधी को भी इस स्थिति का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस के पास 'योक के साथ दो बैल' का प्रतीक हुआ करता था। बाद में उन्होंने इसे खो दिया और 'हाथ' को एक नए प्रतीक के रूप में अपनाया और लोगों ने इसे स्वीकार कर लिया। इसी तरह, लोग उद्धव ठाकरे गुट के नए प्रतीक को स्वीकार करेंगे।

एकनाथ शिंदे गुट को शिवसेना का नाम मिला

बता दें कि शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट को एक बड़ा झटका देते हुए इलेक्शन कमीशन ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को पार्टी का नाम "शिवसेना" और चुनाव चिह्न "धनुष और तीर" आवंटित किया है।