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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सेंथिल बालाजी को कैबिनेट में रखने को लेकर तमिलनाडु में राजनीति तेज, राज्यपाल-तमिलनाडु सरकार में मतभेद

By Jagran NewsEdited By: Piyush Kumar
Published: Sat, 17 Jun 2023 03:34 AM (IST)

राज्यपाल आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रहे बालाजी को कैबिनेट में रखने के लिए सहमत नहीं है। विभागों के पुन ...और पढ़ें

सेंथिल बालाजी को ईडी की आठ दिन की हिरासत में भेज दिया गया।(फोटो सोर्स-एएनआइ)
सेंथिल बालाजी को ईडी की आठ दिन की हिरासत में भेज दिया गया।(फोटो सोर्स-एएनआइ)

चेन्नई, पीटीआइ। ऊर्जा मंत्री सेंथिल बालाजी को कैबिनेट में रखने को लेकर राज्यपाल आरएन रवि और तमिलनाडु की द्रमुक सरकार में विवाद हो गया है। राज्यपाल ने बालाजी को कैबिनेट में रखने पर विरोध जताया है। राजभवन द्वारा जारी बयान के अनुसार, राज्यपाल आरएन रवि ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सिफारिश पर बालाजी के विभागों को पुन: आवंटित किया।

राज्यपाल के बयान को कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए: सरवनन अन्नादुरई

राज्यपाल आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रहे बालाजी को कैबिनेट में रखने के लिए सहमत नहीं है। विभागों के पुन: आवंटन के बाद बालाजी बिना विभाग के मंत्री हैं। विभाग पुन: आवंटन को अपलोड करने वाले द्रमुक प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने ट्विटर के माध्यम से राज्यपाल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के बयान को कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए।

किसी के कैबिनेट में रहने और राज्यपाल में क्या संबंध हैं? यदि किसी के पास विधायक बने रहने की योग्यता है तो वह मंत्री भी बना रह सकता है। जयललिता के मामले में यह फैसला है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई बालाजी की गिरफ्तारी

अन्नाद्रमुक एएनआइ के अनुसार, तमिलनाडु में विपक्ष के नेता इडापड्डी पलानीस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि गिरफ्तार ऊर्जा मंत्री व द्रमुक नेता सेंथिल बालाजी से ईडी द्वारा पूछताछ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर की गई थी। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ईडी के सामने बालाजी द्वारा कुछ जानकारी दिए जाने के डर से मुख्यमंत्री स्टालिन उनसे मुलाकात करने अस्पताल पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री स्टालिन ही नहीं उनके मंत्री भी डरे हुए हैं। यदि बालाजी ने सच स्वीकारा तो स्टालिन के राजनीतिक करियर पर भी प्रभाव पड़ेगा।

ईडी को मिली बालाजी को आठ दिन की हिरासत

एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को बालाजी को ईडी की आठ दिन की हिरासत में भेज दिया है। उन्हें गत 14 जून को मनी लॉड्रिंग के मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था। बालाजी के वकील ए.सरवानन ने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि इलाज चलने के कारण उन्हें इस दौरान अस्पताल से शिफ्ट नहीं किया जा सकता है। बालाजी सुनवाई के लिए अदालत के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए थे।

उधर ईडी ने अगले सप्ताह पूछताछ के लिए सेंथिल बालाजी के भाई आरवी अशोक कुमार, निजी सहायक बी.शनमुगम एवं अन्य को समन जारी किए हैं। इन दोनों के साथ कुछ अन्य व मंत्रियों से जुड़े कथित बेनामी जमीन डील की संदिग्ध महिला को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।

फिलहाल बालाजी का निजी अस्पताल के आइसीयू में उपचार चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि एनेस्थीसिया के लिए उनकी फिटनेस का आकलन करने के लिए उनके परीक्षण किए जा रहे हैं और मूल्यांकन के बाद सर्जरी की योजना बनाई जाएगी।

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