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राजस्थान विधानसभा चुनाव में क्यों हारी कांग्रेस? अशोक गहलोत से मतभेद समेत कई मुद्दों पर सचिन पायलट ने तोड़ी चुप्पी

कांग्रेस को साल 2023 में संपन्न हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस हार को लेकर अब कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने राजस्थान विधानसभा चुनाव में मिली हार और अशोक गहलोत के साथ मतभेदों को लेकर चुप्पी तोड़ी है। पायलट ने कहा कि उन्होंने कुछ और प्रयास किए होते तो कांग्रेस पार्टी राजस्थान विधानसभा चुनाव में जीत सकती थी।

By Agency Edited By: Mohd Faisal Published: Tue, 06 Feb 2024 03:22 PM (IST)Updated: Tue, 06 Feb 2024 03:27 PM (IST)
राजस्थान विधानसभा चुनाव में मिली हार पर बोले सचिन पायलट। (फाइल फोटो)

पीटीआई, नई दिल्ली। Sachin Pilot on Rajasthan Assembly Election कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार पर बड़ा बयान दिया। सचिन पायलट ने कहा कि अगर उन्होंने कुछ और प्रयास किए होते तो कांग्रेस पार्टी राजस्थान विधानसभा चुनाव में जीत सकती थी।

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कांग्रेस नेता ने कहा कि उनके और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच मतभेद खत्म हो गए हैं। पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने राजस्थान में अच्छी तरह से बीजेपी को टक्कर दी, उन्हें अफसोस है कि वे जीत नहीं सके।

'राजस्थान में हमारे पास बहुत अच्छा मौका था'

सचिन पायलट ने कहा- 'मुझे लगता है कि राजस्थान में हमारे पास बहुत अच्छा मौका था। हमने काफी मेहनत की, लेकिन अगर हम थोड़ा और मेहनत करते। जैसे कुछ प्रत्याशियों के टिकट बदल देते तो शायद प्रदर्शन बेहतर होता। 25 मौजूदा मंत्रियों में से 17-18 मंत्री चुनाव हार गए। अगर हमने अलग-अलग उम्मीदवारों को चुना होता तो शायद कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर होता।'

गहलोत के साथ मतभेदों पर तोड़ी चुप्पी

पायलट ने अशोक गहलोत के साथ अपने मतभेदों को लेकर भी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि उन्होंने और पूर्व मुख्यमंत्री ने उन मुद्दों पर चर्चा की है जो वहां थे और उन्होंने चुनाव को प्रभावित नहीं किया। अगला चुनाव पांच साल दूर है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं का ध्यान रखने में विफल रही है।

'कार्यकर्ता की ऊर्जा ही पार्टी को दिलाती है जीत'

सचिन पायलट ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमें कुछ सुधार की जरूरत है। अगर हमने विपक्ष में रहते हुए किसी मुद्दे पर स्टैंड लिया है तो क्या मैं जीत के बाद इसे बदल सकता हूं? हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पांच साल तक कड़ी मेहनत की, जिससे पार्टी को जीत मिली। अगर हमने उन्हें अधिक सम्मान दिया होता, हिस्सेदारी दी होती। यह एक कार्यकर्ता की ऊर्जा है जो पार्टी को जीत दिलाती है।'

राम मंदिर निर्माण पर भी बोले सचिन

उन्होंने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में कांग्रेस नेताओं के शामिल नहीं होने के फैसले को व्यक्तिगत पसंद बताया। उन्होंने कहा, 'यह एक धार्मिक देश है। हर किसी को अपने धर्म का पालन करने पर गर्व होना चाहिए, लेकिन इससे राजनीतिक लाभ लेना गलत है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर का निर्माण हुआ। हर कोई खुश है कि राम मंदिर बन गया, लेकिन लोगों को कौन आमंत्रित करेगा, कितने लोगों को आमंत्रित किया जाएगा, यह कौन तय करता है? क्या हम राम भक्त नहीं हैं। मुझे निमंत्रण नहीं मिला।'

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