जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। रियालंस ग्रुप ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उस आरोप का जोरदार खंडन किया, जिसमें उन्होंने अनिल अंबानी को क्रॉनी कैपिटलिस्ट करार दिया था। रिलायंस ग्रुप का कहना है कि यूपीए सरकार के शासन में ग्रुप को एक लाख करोड़ रुपये के कान्ट्रैक्ट मिले थे। कांग्रेस अध्यक्ष दुर्भावनापूर्ण ढंग से गलत सूचनाओं और तथ्यों को तोड़ मरोड़कर मिथ्या आरोप का अभियान चला रहे हैं।

रिलायंस समूह ने यह बयान हाल में मीडिया में आये राहुल के बयानों की प्रतिक्रिया के रूप में दिया है। ग्रुप ने कहा कि राहुल ने जो दावे किये हैं, उनका न तो कोई आधार बताया है और न ही उन्होंने मानहानि और अपमानसूचक उनके बयानों को जायज ठकराने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत पेश किया है।

गौरतलब है कि राहुल ने हाल में मीडिया में दिये उनके बयानों में अनिल अंबानी को क्रॉनी कैपिटलिस्ट और बेइमान करार दिया है। रिलायंस ग्रुप ने कहा कि राहुल गैर-जिम्मेदाराना अंदाज में दुर्भावनापूर्ण ढंग से गलत सूचनाओं और तथ्यों को तोड़ मरोड़कर मिथ्या आरोप का अभियान चला रहे हैं। समूह ने एक बयान जारी कर कहा कि राहुल ने एक रिलायंस ग्रुप के चेयरमेन अनिल अंबानी को कथित तौर पर क्रॉनी कैपिटलिस्ट और बेईमान व्यवसायी करार दिया है जो पूरी तरह असत्य वक्तव्य है।

रिलायंस ग्रुप ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दस साल के शासनकाल में 2004 से 2014 के दौरान अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप को बिजली, दूरसंचार, सड़क, मेट्रो सहित ढांगचात क्षेत्र की एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का ठेका मिला था। रिलायंस ग्रुप ने राहुल गांधी को उन्हीं के शब्दों में जवाब देते हुए यह स्पष्ट करने का आग्रह किया कि उनकी सरकार ने आखिरकार दस साल तक कथित क्रॉनी कैपिटलिस्ट और बेइमान व्यवसायी की मदद क्यों की।

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