President Ram Nath Kovind: रामनाथ कोविन्द कहां रहेंगे, जानिए- पूर्व राष्ट्रपति कहां-कहां शिफ्ट हुए
President Ram Nath Kovind पदमुक्त होने के बाद उत्तर प्रदेश नहीं जाएंगे। भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का कार्यकाल 1962 में पूरा हो गया था। इसके बाद राजेंद्र बाबू बिहार के पटना में शिफ्ट हो गए थे। वे दिल्ली में नहीं रहना चाहते थे।

नई दिल्ली, जेएनएन। देश के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द पद से मुक्त होने के बाद कहां रहेंगे? ये सवाल कई लोगों के जेहन में चल रहा होगा। रामनाथ कोविन्द उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के गांव परौंख के रहने वाले हैं। पदमुक्त होने के बाद कई पूर्व राष्ट्रपति अपने गृह नगर चले गए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या कोविन्द भी पदमुक्त होने के बाद कानपुर में शिफ्ट हो जाएंगे?
खबर है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द पदमुक्त होने के बाद उत्तर प्रदेश नहीं जाएंगे। वह दिल्ली में ही रहने वाले हैं। सूत्रों की मानें तो पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, 2020 में निधन से पहले तीन दशक से अधिक समय तक जिस बंगले में रहे थे, वह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को दिया जा सकता है। 12 जनपथ स्थित इस बंगले को कोविंद के लिए तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रामनाथ कोविन्द की बेटी ने हाल में इस घर का निरीक्षण किया था।
आइए आपको बताते हैं कि पदमुक्त होने के बाद देश के राष्ट्रपति कहां-कहां शिफ्ट हुए और क्या थी इसके पीछे की वजह।
- पहले राष्ट्रपति: भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का कार्यकाल 1962 में पूरा हो गया था। इसके बाद राजेंद्र बाबू बिहार के पटना में शिफ्ट हो गए थे। वे दिल्ली में नहीं रहना चाहते थे।
- दूसरे राष्ट्रपति: भारत के दूसरे राष्ट्रपति एस. राधाकृष्णन 1962 से 1967 तक देश के सर्वोच्च पद पर रहे। पदमुक्त होने के बाद वह चेन्नै शिफ्ट हो गए थे।
- तीसरे राष्ट्रपति: देश के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन थे। इनका कार्यकाल 13 मई 1967 से लेकर 3 मई 1969 तक रहा। डॉ. जाकिर हुसैन का राष्ट्रपति पद पर रहते हुए निधन हो गया था।
- चौथे राष्ट्रपति: भारत के चौथे राष्ट्रपति वीवी गिरी 24 अगस्त 1969 से 24 अगस्त 1974 तक अपने पद पर रहे। पदमुक्त होने के बाद वीवी गिरी चेन्नै चले गए थे।
- पांचवें राष्ट्रपति: देश के पांचवें राष्ट्रति डॉ. फखरुद्दीन अली अहमद थे। इनका भी निधन पद पर रहते हुए 11 फरवरी 1977 को पद पर रहते हुए निधन हो गया था।
- छठे राष्ट्रपति: एन संजीव रेड्डी 1977 से 1982 तक देश के राष्ट्रपति रहे थे। रेड्डी भी राष्ट्रपति भवन छोड़ने के बाद दिल्ली में नहीं रहे। उनका 1996 में बेंगलुरु में निधन हो गया था।
- सातवें राष्ट्रपति: ज्ञानी जैल सिंह 1982-1987 तक देश के राष्ट्रपति रहे। वे राष्ट्रपति भवन को छोड़ने के बाद तीन मूर्ति के पास सर्कुलर रोड के एक बंगले में रहने लगे थे।
- आठवें राष्ट्रपति: आर वेकटरामन 1987-92 तक देश के राष्ट्रपति रहे। वे पदमुक्त होने के बाद चेन्नै गए थे।
- नौवें राष्ट्रपति: डॉ. शंकर दयाल शर्मा 1992 से 1997 तक देश के राष्ट्रपति रहे। वह दिल्ली में सफदरजंग रोड स्थित बंगले में रहे। उनका निधन 1999 में हो गया था।
- दसवें राष्ट्रपति: केआर नारायणन राष्ट्रपति पद पर 1997-2002 तक रहे। वे राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद लुटियन दिल्ली में ही रहे।
- ग्यारहवें राष्ट्रपति: एपीजे अब्दुल कलाम पद से मुक्त हुए तो उन्हें सरकार ने 10 राजाजी मार्ग का बंगला आवंटित किया था।
- बारहवें राष्ट्रपति: प्रतिभा पाटिल देश की बारहवीं राष्ट्रपति थीं। कार्यकाल पूरा होने के बाद वह पुणे चली गई थी, वहीं उन्हें एक घर दिया गया था।
- तेहरवें राष्ट्रपति: प्रणब मुखर्जी देश के तेहरवें राष्ट्रपति थे। पद से 2017 में मुक्त होने के बाद प्रणव मुखर्जी 10 राजाजी मार्ग के बंगले में रहे। यहीं उन्होंने अंतिम सांस ली थी।
क्या है नियम
भारत में पद से मुक्त होने के बाद पूर्व राष्ट्रपति को रहने के लिए सरकार एक घर देती है। इसके लिए नियम यह है कि सरकार को पूर्व राष्ट्रपति को सेवा से मुक्त होने के बाद राजधानी में केंद्रीय मंत्री को आवंटित होने वाला बंगला ही आवंटित करना होता है। अगर उनकी मृत्यु हो जाती तो वह बंगला उनकी पत्नी/ पति को मिल जाता है।
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