स्पीकर ने बंद किया राहुल गांधी का माइक? कांग्रेस के आरोप पर क्या बोले ओम बिरला; सिब्बल ने पढ़ाया कानून का पाठ
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दोनों सदनों में विपक्षी नेताओं के बोलते समय माइक बंद करने संविधान के अनुच्छेद 105 द्वारा संरक्षित संसद में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करार दिया। सिब्बल ने एक्स पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर विपक्ष के नेता का माइक बंद कर दिया जाता है तो इसका मतलब है कि सत्ता पक्ष विपक्ष को बोलने नहीं देना चाहता।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नीट का मुद्दा उठाने के दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की माइक बंद किए जाने को लेकर विपक्षी नेताओं ने सदन के अंदर ही नहीं बाहर भी इस पर सवाल उठाते हुए गंभीर चिंता जाहिर की है।
कांग्रेस का आरोप, सरकार का जवाब
कांग्रेस की ओर से तो यह सवाल भी खड़ा किया जा रहा है कि राज्यसभा में भी नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की माइक बंद की गई। हालांकि सरकारी पक्ष का कहना है कि जब सभापति किसी को बोलने का अवसर देते हैं तभी माइक आन होती है।
बहरहाल, कांग्रेस का आरोप है कि सरकार सरकार संसद में विपक्ष को बोलने नहीं देना चाहती और यह संसद में ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है। कांग्रेस ने ओछी हरकत करार देते हुए स्पीकर ओम बिरला और सभापति जगदीप धनखड़ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा किया।
किसके पास होता है माइक का कंट्रोल बटन?
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही सुबह नेता विपक्ष ने नीट के मुद्दे पर चर्चा की मांग उठाई तो स्पीकर से उनका माइक बंद होने की बात कही जिस पर बिरला ने कहा कि वे पहले ही साफ कर चुके हैं कि माइक का बटन उनके पास नहीं होता है।
हालांकि इसके बाद माइक ऑन हुआ तो राहुल गांधी नीट का मुद्दा उठाने लगे मगर कुछ ही क्षण में माइक बंद हो गई तो विपक्षी खेमे के सदस्यों ने इसको लेकर सदन में सवाल उठाते हुए हंगामा किया।
क्या सच बोल रहे हैं राहुल गांधी?
सदन स्थगित होने के बाद कांग्रेस ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए आधिकारिक एक्स पोस्ट में कहा कि जहां एक ओर नरेन्द्र मोदी नीट पर कुछ नहीं बोल रहे, उस वक्त विपक्ष के नेता राहुल गांधी युवाओं की आवाज सदन में उठा रहे है। लेकिन ऐसे गंभीर मुद्दे पर माइक बंद करने जैसी ओछी हरकत करके युवाओं की आवाज दबाने की साजिश की जा रही है।
कपिल सिब्बल ने कहा कि स्पीकर उन्हें न सुनना चाहें या सरकार सुनना न चाहे लेकिन भारत के लोग सुनना चाहते हैं। संसद लोगों के लिए है, सरकार के लिए नहीं या स्पीकर की इच्छा के लिए नहीं।
कांग्रेस ने पूछा तो क्या पीएम के पास है माइक का बटन?
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का मीडिया-संचार के प्रभारी पार्टी के सचिव प्रणव झा ने कहा कि पिछली लोकसभा में माइक बंद करने का जनता ने जवाब दिया है मगर इस सरकार के होश ठिकाने नहीं आए हैं।
बिरला पर निशाना साधते हुए झा ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्पीकर कह रहे कि माइक का बटन उनके हाथ में नहीं तो क्या यह प्रधानमंत्री के हाथ में है, जनता इसको देख रही है और सरकार को ऐसे कृत्य का बुरा नतीजा भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि पेपर लीक मामले में यह सरकार खुद तो चुप है मगर इसके विरोध में उठने वाली आवाजों को दबा रही है।
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