Goa Election 2022: चुनावी प्रचार के लिए गोवा पहुंचे राहुल गांधी, प्रेस कांफ्रेंस में कहा- सत्ता में आने पर खनन को फिर करेंगे बहाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी शुक्रवार को गोवा के दौरे पर पहुंचे। प्रदेश में सोमवार 14 फरवरी को विधानसभा चुनाव 2022 के लिए मतदान होना है। राज्य की 40 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में चुनाव होंगे।

नई दिल्ली, एएनआई: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी शुक्रवार को गोवा के दौरे पर पहुंचे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी एक प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने ऐलान किया है कि यदि गोवा ने कांग्रेस की सरकार बनती है। तो सत्ता में आने के तुरंत बाद हम यहां स्थायी और कानूनी तरीके से खनन बहाल करने की योजना बनाएंगे।
गोवा में सोमवार 14 फरवरी को विधानसभा चुनाव 2022 के लिए मतदान होना है। राज्य की 40 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में चुनाव होंगे और नतीजे 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे। गोवा में पार्टी की डूबती नाव को सहारा देने के मकसद से राहुल गांधी यहां पहुंचे हैं। प्रदेश की मौजूदा विधानसभा में कांग्रेस के सिर्फ दो विधायक ही शेष हैं।
We plan to restore mining in a sustainable and legal way in Goa soon after we are voted to power: Congress leader Rahul Gandhi, in Goa pic.twitter.com/KxSDnt5qvw
— ANI (@ANI) February 11, 2022
पार्टी प्रत्याशियों ने ली निष्ठा की शपथ
गौरतलब है कि, पिछली सरकार के दौरान कांग्रेस को दलबदल से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। जिसके चलते पिछले दिनों कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों से एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराया। इस शपथ पत्र में पार्टी के प्रति निष्ठा बनाए रखने की बात कही गई। पार्टी के सभी प्रत्याशियों ने राहुल गांधी के समक्ष ही शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान यह वादा भी किया गया कि कांग्रेस के उम्मीदवारों की जीत होने पर वो अगले पांच वर्षों तक पार्टी से इस्तीफा नहीं देंगे। साथ ही किसी अन्य राजनीतिक संगठन में शामिल भी नहीं होंगे।
चुनावी मैदान में जीएफपी के साथ कांग्रेस का गठबंधन
गोवा विधानसभा चुनाव 2022 के लिए कांग्रेस ने गोवा फारवर्ड पार्टी (जीएफपी) के साथ गठबंधन किया है। कांग्रेस ने जहां 37 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं, तो वहीं जीएफपी तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पिछले पांच वर्षों में दलबदल से कांग्रेस सबसे ज्यादा प्रभावित रही है। क्योंकि उसके अधिकांश विधायक पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में शामिल हो गए। 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद 40 सदस्यीय सदन में 17 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई थी, लेकिन अब सदन में केवल दो विधायक शेष हैं।
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