PK के आगे कैसे फीके पड़े नीरज? 1995 से था भाजपा का कब्जा, बांकीपुर रिजल्ट की पूरी कहानी
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पटना की बांकीपुर सीट पर भाजपा के मजबूत गढ़ को ध्वस्त कर दिया, जबकि मध्य प्रदेश की दतिया सीट भी भाजपा हार गई।
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जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण टीम, नई दिल्ली। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने अपने पहले ही चुनाव में बिहार भाजपा का मजबूत किला ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने पटना की बांकीपुर सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार को 19324 मतों से हरा दिया। तीसरे नंबर पर रहीं राजद की रेखा कुमारी अपनी जमानत भी नहीं बचा पाईं।
इसी तरह प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी मध्य प्रदेश की दतिया सीट भी भाजपा हार गई। यहां कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6016 मतों से हरा दिया।
भाजपा के लिए राहत की खबर गुजरात से आई, जहां पार्टी के सतीश गोविंदभाई पटेल ने कांग्रेस प्रत्याशी भीखाभाई रबारी को 30630 वोटों से हराया।
बांकीपुर नतीजा इसलिए भी अहम है कि बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बनने के बाद हुए पहले ही चुनाव में पार्टी को शिकस्त का सामना करना पड़ा।
भाजपा को बड़ा झटका
भाजपा के लिए यह इसलिए भी बड़ा झटका है कि 1995 से इस सीट पर लगातार उसका कब्जा था। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया गया। इसे देखते हुए इस मुकाबले पर पूरे देश की नजर थी।
बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) ने जीत दर्ज की है। प्रशांत किशोर को 64151, नीरज कुमार को 44827 और रेखा कुमारी को 14273 मत मिले। प्रशांत किशोर ने पहले चरण से ही बढ़त बना ली थी।
भाजपा की स्थिति क्या रही इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सह सांसद रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. सीपी ठाकुर, राज्य सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव व अशोक चौधरी के मोहल्लों से जुड़े मतदान केंद्रों पर भी प्रशांत किशोर ही बढ़त बनाए रहे।
20 राउंड की गणना के बाद मतगणना केंद्र के आसपास से भाजपा और राजद समर्थकों की भीड़ कम होती गई और जनसुराज के समर्थक पीले गुलाल लगाकर जश्न की तैयारी में जुटने लगे। राजद प्रत्याशी प्रारंभ से अंत तक तीसरे स्थान पर रहीं।
दतिया में कांग्रेस की दूसरी जीत
नईदुनिया प्रतिनिधि के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी को दो वर्ष से अधिक की सजा होने से खाली हुई दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में भी भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा। कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार इस सीट पर सत्ताधारी दल भाजपा को पराजित करते हुए अपना दबदबा कायम रखा।
कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह को 66757 जबकि भाजपा के आशुतोष तिवारी को 60741 मत मिले। तीसरे स्थान पर आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव मंडल रहे, जिन्हें 22,527 वोट मिले।
प्रेट्र के अनुसार, गुजरात के वडोदरा जिले की मंजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा। भाजपा उम्मीदवार सतीश गोविंदभाई पटेल ने कांग्रेस प्रत्याशी भीखाभाई रबारी को हरा दिया।
पटेल को 55,481 वोट मिले, जबकि रबारी को 24,851 वोट मिले। गौर करने वाली बात यह है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा की जीत का अंतर एक लाख से ज्यादा था, जबकि मौजूदा मुकाबले में यह अंतर कम हो गया है।
भाजपा-राजद दोनों के वोट बैंक में लगी सेंध
पिछले वर्ष के विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने राजद की रेखा कुमारी को 51936 मतों से हराया था। इस बार रेखा कुमारी अपनी जमानत भी नहीं बचा सकीं।
2025 के चुनाव की तुलना में भाजपा का 28.26 और राजद का 18.60 प्रतशित वोट कम हुआ है। वहीं, जनसुराज का वोट 44.31 प्रतिशत बढ़ गया है।
2010 के बाद से पहला चुनाव है, जिसमें विजेता प्रत्याशी को 50 प्रतिशत से कम मत प्राप्त हुआ है। जीत का अंतर भी इस बार पिछले दो दशक में सबसे कम रहा है।
नरोत्तम के क्षेत्र में भी भाजपा पीछे रही
दतिया में उपचुनाव कांग्रेस के विधायक रहे राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद हुआ था। परिणाम भाजपा के लिए इसलिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव वाले क्षेत्र में पार्टी सीट बचाने में नाकाम रही। मिश्रा के मतदान केंद्र संख्या-121 पर भी भाजपा, कांग्रेस से पीछे रह गई।
मतगणना के शुरुआती राउंड में भाजपा ने बढ़त बनाई थी, लेकिन दूसरे राउंड से कांग्रेस ने वापसी करते हुए लगातार बढ़त कायम रखी। उधर, दतिया में हार के बाद पूर्व गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा के भोपाल स्थित सरकारी बंगले पर सन्नाटा छाया रहा। शाम तक उनके बंगले का मुख्य गेट बंद मिला। उधर, कांग्रेस ने इस जीत को प्रदेश की राजनीति का टर्निंग प्वाइंट बताया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि दतिया की जीत वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में बदलाव का शंखनाद है। वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं की मेहनत और संघर्ष को जीत का श्रेय देते हुए कहा कि कांग्रेस जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेगी।
चुनाव परिणामों पर क्या बोले भाजपा अध्यक्ष
गुजरात की मंजलपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा पर विश्वास व्यक्त करने के लिए वहां की जनता का हृदय से आभार। बांकीपुर और दतिया में हमें अपेक्षित जनादेश प्राप्त नहीं हुआ।
हम इन दोनों क्षेत्रों के चुनाव परिणामों का पूरी गंभीरता से आत्ममंथन करेंगे तथा नई ऊर्जा और संकल्प के साथ जनता के बीच जाएंगे। हम उनके विश्वास को और अधिक मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।
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