अहमदाबाद, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने गुरुवार को गुजरात के धरमपुर में श्रीमद राजचंद्र मिशन (Shrimad Rajchandra Mission) की विभिन्न परियोजनाओं का वीडियो कांफ्रेंस के जरिए शुभारंभ किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि श्रीमद राजचंद्र मिशन से मेरा पुराना नाता रहा है। मैंने श्रीमद राजचंद्र मिशन के समाज कार्यों को नजदीकी से देखा है। जब ये नाम सुनता हूं तो मेरा मन आप सभी (श्रीमद राजचंद्र मिशन) के प्रति सम्मान से भर जाता है।

प्रधानमंत्री (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव मना रहा देश अपनी उन संतानों को याद कर रहा है, जिन्होंने भारत को गुलामी से बाहर निकालने के लिए कोशिशें की। श्रीमद् राजचंद्र जी ऐसे ही संत थे जिनका एक विराट योगदान इस देश के इतिहास में है। आज जब देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तब हमें इसी कर्तव्य भाव की सबसे ज्यादा जरूरत है। ये दुर्भाग्य रहा कि भारत के ज्ञान को, भारत की असली ताकत से देश और दुनिया को परिचित कराने वाले ओजस्वी नेतृत्व को हमनें बहुत ही जल्द खो दिया।  

पीएम मोदी ने कहा कि पूज्य बापू महात्मा गांधी ने कहा था कि हमें शायद कईं जन्म लेने पड़ेंगे, लेकिन श्रीमद के लिए एक ही जन्म काफी है। प्रधानमंत्री ने देश के विकास में महिला शक्ति के योगदान का भी उल्‍लेख किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश की नारीशक्ति को आजादी के अमृतकाल में राष्ट्रशक्ति के रूप में सामने लाना हम सभी का दायित्व है। मौजूदा वक्‍त में केंद्र सरकार बहनों बेटियों के सामने आने वाली हर उस अड़चन को दूर करने में जुटी है, जो उन्‍हें आगे बढ़ने से रोकती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वक्‍त में भारत स्वास्थ्य की जिस नीति पर चल रहा है उसमें हमारे आसपास के हर प्राणी के आरोग्य की चिंता है। भारत मानव मात्र की रक्षा करने वाले टीकों के साथ ही पशुओं के लिए भी राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान चला रहा है। इस मामले में अध्यात्म और सामाजिक दायित्व दोनों कैसे एक दूसरे के पूरक हैं, श्रीमद राजचंद्र जी का जीवन इसका प्रमाण है। श्रीमद राजचंद्र जी ने अध्यात्म और समाजसेवा की भावना को मजबूत किया। आध्यात्मिक या सामाजिक उनका प्रभाव हर लिहाज से गहरा था।

Edited By: Krishna Bihari Singh