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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'राहुल गांधी ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है' संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी ने ऐसा क्यों कहा?

By AgencyEdited By: Achyut Kumar
Published: Fri, 11 Aug 2023 05:20 PM (GMT+05:30)

संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी ने शुक्रवार को मानसून सत्र के अंतिम दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि ...और पढ़ें

संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने jराहुल गांधी पर साधा निशाना
संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने jराहुल गांधी पर साधा निशाना

HighLights

  1. संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा- राहुल गांधी के भाषण से 'भारत माता' नहीं, असंसदीय शब्द निकाले गए
  2. लोक सभा में 45 और राज्य सभा में 63 फीसद कामकाज हुआ- प्रल्हाद जोशी
  3. कांग्रेस और विपक्षी दलों ने कभी नहीं सोचा था कि हम मणिपुर पर चर्चा के लिए सहमत होंगे: जोशी

नई दिल्ली, एजेंसी। संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी (Parliamentary Affairs Minister Pralhad Joshi) ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने कभी नहीं सोचा था कि हम मणिपुर पर चर्चा के लिए सहमत होंगे...जैसा कि पीएम मोदी (PM Modi) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा था कि हमें इस मुद्दे के बारे में संवेदनशील होना चाहिए। आज, राहुल गांधी ने भी क्या-क्या कहा है। 

प्रल्हाद जोशी ने कहा कि लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण से 'भारत माता' नहीं, बल्कि असंसदीय शब्द निकाले गए। उन्होंने कहा,

मुझे लगता है कि राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्होंने जवाब नहीं सुना है। वह सदन में नहीं आए...यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि तथाकथित सबसे पुरानी पार्टी इतना गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है...

मानसून सत्र में दोनों सदनों में 23 बिल हुए पारित

संसदीय कार्यमंत्री ने मानसून सत्र के अंतिम दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा में 20 और राज्यसभा में पांच बिल पेश हुए। इनमें से 22 बिल लोकसभा में और 25 बिल राज्यसभा में पारित हुए। वहीं, 23 बिल दोनों सदनों में पारित किए गए।

प्रल्हाद जोशी के प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें

  • दिल्ली ऑर्डिनेंस पर विपक्ष चर्चा के लिए राजी हुआ, लेकिन यह आपस में एकजुटता दिखाने के लिए था। उन्हें दूसरे विधेयकों में कोई रुचि नहीं थी।
  • राज्यसभा में बीजेडी, बीआरएस जैसी गैर भाजपा पार्टियों और एआईएडीएमके जैसी अन्य छोटी पार्टियों ने भी भाग लिया।
  • कॉपरेटिव बिल, फॉरेस्ट बिल, अनुसंधान बिल जैसे ऐतिहासिक बिल महत्वपूर्ण हैं, लेकिन दुर्भाग्य से विपक्ष इन पर चर्चा से बचता रहा।
  • अविश्वास प्रस्ताव पर रिकॉर्ड करीब 20 घंटे चर्चा हुई। 60 से ज्यादा सदस्यों ने इसमें हिस्सा लिया।

राज्सभा में 63 फीसद हुआ कामकाज

संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि लोक सभा में 45 फीसद और राज्यसभा में 63 फीसद कामकाज हुआ। उन्होंने बताया कि राज्यसभा में लगभग सभी बिलों पर चर्चा हुई।