Parliament Session: 'आप ही हमारे रखवाले, आपके पास ही रोते हुए आना होगा', खरगे ने सभापति से क्यों कही ये बात?
Parliament Special Session 2023 राज्यसभा में बोलते हुए खरगे ने राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ से अपील करते हुए कहा कि हमें बाहर तो बोलने का मौका नहीं मिलता यहां संसद में तो बोलने देना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संसद में सभी को बोलने का मौका मिलना चाहिए। खरगे ने कहा कि हमारी संख्या कम है अगर एनडीए नेता हमपर हमला करें तो आपको बचाना होगा। (फाइल फोटो)

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Parliament Special Session 2023 संसद के विशेष सत्र में आज सरकार और विपक्ष में जमकर वार-पलटवार हुआ। सत्र की शुरुआत में पीएम मोदी ने जी20 की सफलता का जिक्र किया और कहा कि अब देश विकास के नए पथ पर चल रहा है।
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में अब नाम बदलने की बात होती है, उसके हालात बदलने की नहीं।
खरगे की जगदीप धनखड़ से खास अपील
इस बीच राज्यसभा में बोलते हुए खरगे ने राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ से एक खास अपील की। खरगे ने कहा कि हमें बाहर तो बोलने का मौका नहीं मिलता, यहां संसद में तो बोलने देना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संसद में सभी को बोलने का मौका मिलना चाहिए।
खरगे ने कहा कि अगर विपक्ष का नेता कुछ थोड़ा सा भी बोले तो उसपर कार्रवाई हो जाती है, लेकिन भाजपा के सांसद कुछ भी बोले उन्हें कुछ नहीं कहा जाता।
हमें आपके पास ही रोते हुए आना होगा
खरगे ने आगे धनखड़ से कहा,
आप हमारे रखवाले (अभिभावक) हैं। अगर हमारे साथ कोई अन्याय होता है, तो आपको ही हमारी रक्षा करनी होगी। खरगे ने कहा कि हम पहले से ही संसद में संख्या के आधार पर कम हैं, अगर एनडीए के सांसद हम पर हमला करेंगे तो हम आपके पास ही रोते हुए आएंगे।
खरगे ने ये सभी बातें धनखड़ से मजाकियां अंदाज में कही।
बदलना है तो अब हालात बदलो
— Mallikarjun Kharge (@kharge) September 18, 2023
ऐसे नाम बदलने से क्या होता है?
देना है तो युवाओं को रोजगार दो
सबको बेरोजगार करके क्या होता है?
दिल को थोड़ा बड़ा करके देखो
लोगों को मारने से क्या होता है?
कुछ कर नहीं सकते तो कुर्सी छोड़ दो
बात-बात पर डराने से क्या होता है?
अपनी हुक्मरानी पर तुम्हें… pic.twitter.com/VT0rPCKWAp
कविता बोलकर सरकार पर कसा तंज
खरगे ने इसी के साथ केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए एक कविता पढ़ी। उन्होंने सरकार पर स्थानों के नाम बदलने को लेकर तंज कसा और कहा कि नाम बदलने से नहीं, हालात बदलने से कुछ होगा।
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