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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच करेगी संसद धक्का मुक्की कांड की जांच, 6 धाराओं में FIR दर्ज

By Agency Edited By: Piyush Kumar
Published: Fri, 20 Dec 2024 09:17 PM (IST)Updated: Fri, 20 Dec 2024 09:45 PM (IST)

Parliament Scuffle Case धक्का कांड को लेकर बीजेपी और कांग्रेस की शिकायत की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई ...और पढ़ें

Parliament Scuffle Case: संसद भवन में हुई धक्का मुक्की मामले की जांच क्राइम ब्रांच करेगी।(फोटो सोर्स: पीटीआई)
Parliament Scuffle Case: संसद भवन में हुई धक्का मुक्की मामले की जांच क्राइम ब्रांच करेगी।(फोटो सोर्स: पीटीआई)

एएनआई, नई दिल्ली। संसद परिसर में गुरुवार को हुए हंगामे और धक्कामुक्की कांड को लेकर बीजेपी और कांग्रेस की शिकायत की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। बीजेपी की शिकायत में लोकसभा नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

दोनों पार्टियों ने क्या शिकायत की है?

बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी ने बीजेपी सांसदों को धक्का दिया और 2 सांसद जख्मी हो गए। वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के सांसदों ने कांग्रेस अध्यक्ष को धक्का दिया। कांग्रेस के सांसदों पर हमला किया गया। अब मामला पुलिस थाने तक पहुंच चुका हैं। दोनों तरफ से एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज

संसद परिसर में धक्का मुक्की कांड को लेकर दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कराई गई है। भाजपा ने राहुल गांधी के खिलाफ हत्या की कोशिश से लेकर भारतीय न्याय संहिता की 6 अन्य गंभीर धाराओं में शिकायत दी थी।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 117 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना), 125 (दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने का कृत्य), 131 (आपराधिक बल का प्रयोग), 351 (आपराधिक धमकी) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत गुरुवार को संसद मार्ग थाने में मामला दर्ज किया गया था। भाजपा की ओर से शिकायत दर्ज कराए जाने के कुछ घंटों बाद ही राहुल गांधी पर मामला दर्ज किया गया था।

पूछताछ के लिए राहुल गांधी को बुला सकती है पुलिस

संसद परिसर में हाथापाई के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस दो घायल सांसदों के बयान दर्ज कर सकती है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को पूछताछ के लिए भी बुला सकती है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जरूरत पड़ी तो दिल्ली पुलिस संसद सचिवालय को पत्र लिखकर घटना वाले एरिया के सीसीटीवी फुटेज की मांग कर सकती है। मामले को स्थानीय पुलिस से क्राइम ब्रांच को सौंपने पर भी विचार किया जा सकता है।

सूत्रों ने बताया कि पुलिस अधिकारियों की एक टीम अस्पताल में सारंगी और राजपूत से भी मिल सकती है और आगे की जांच के लिए उनके बयान दर्ज कर सकती है। उन्होंने कहा कि उनके मेडिकल प्रमाणपत्रों की रिपोर्ट एकत्र की जाएगी।

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