Congress: कार्यसमिति की संख्या बढ़ा कांग्रेस ने दिया 50 फीसदी आरक्षण
Congress पार्टी ने यह भी तय किया है कि अब भविष्य में कांग्रेस की सदस्यता केवल डिजिटल होगी और ट्रासं जेंडर की वास्तविकता को स्वीकार करते हुए पार्टी के फार्म में अब इनके लिए अलग से कॉलम होगा।
संजय मिश्र, रायपुर। कांग्रेस ने बदलते वक्त की राजनीतिक हकीकतों का हवाला देते हुए पार्टी संविधान में संशोधन कर अपनी शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्यसमिति में एससी-एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और महिलाओं को 50 फीसद आरक्षण देने का प्रावधान कर दिया। पार्टी संविधान के इस संशोधन में 50 साल से कम उम्र के लोगों को कार्यसमिति में 50 फीसद भागीदारी देने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके साथ ही पार्टी ने कांग्रेस कार्यसमिति में भी सदस्यों की संख्या 25 से बढ़ाकर 35 कर दिया है। पार्टी ने यह भी तय किया है कि अब भविष्य में कांग्रेस की सदस्यता केवल डिजिटल होगी और ट्रासं जेंडर की वास्तविकता को स्वीकार करते हुए पार्टी के फार्म में अब इनके लिए अलग से कॉलम होगा।
युवाओं को 50 प्रतिशत भागीदारी का प्रावधान
छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर में पार्टी के 85वें महाधिवेशन के सत्र की औपचारिक शुरूआत के बाद सबसे पहले कांग्रेस संविधान से जुड़े तमाम छोटे-बड़े संशोधन के प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इसमें कार्यसमिति में 50 फीसद आरक्षण के साथ युवाओं को 50 प्रतिशत भागीदारी का प्रावधान निसंदेह सबसे अहम है। कार्यसमिति के सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 35 किए जाने के पक्ष में पार्टी ने राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में हुए बदलाव के साथ समय की मांग को इसकी वजह बताया है। इसके अलावा संशोधन कर यह भी प्रावधान किया गया है कि कांग्रेस के सभी पूर्व अध्यक्ष, कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री और संसद के दोनों सदनों में पार्टी के नेता भी कार्यसमिति के सदस्य होंगे।
कांग्रेस की सदस्यता को 2025 से पूरी तरह डिजिटल कर दिया जाएगा
पार्टी संविधान में हुए संशोधन के अनुसार अब बूथ इकाई कांग्रेस संगठन का प्राइमरी ढांचा होगा। इसके बाद पंचायत समिति, शहरों में वार्ड समिति होगी और उसके उपरांत पहले से चल रहे ब्लॉक, जिला और प्रदेश कांग्रेस समिति कार्य करते रहेंगे। पार्टी ने यह भी फैसला किया है कि पंचायत समिति, ब्लॉक समिति, मंडी समिति और जिला समिति में चुने जाने वाले कांग्रेस के प्रतिनिधि स्वाभाविक रूप से प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रतिनिधि बन सकेंगे। प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रतिनिधियों और एआइसीसी प्रतिनिधियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। राज्यों में राजनीतिक मामलों की समिति के गठन के लिए भी पार्टी संविधान में प्रावधान किया गया है।
कांग्रेस की सदस्यता को पहली जनवरी 2025 से पूरी तरह डिजिटल कर दिया जाएगा और इसके सहारे पार्टी युवाओं तक अपनी अधिक पहुंचा बनाने का प्रयास करेगी। पार्टी के लिए आनलाइन चंदा लेने का प्रावधान किया गया है। ट्रांसजेडर के लिए पार्टी फार्म में अलग कॉलम करने के साथ ही कांग्रेस ने पिता के साथ अब मां और पत्नी या पति का नाम लिखने को भी अनिवार्य करने का प्रावधान किया है।
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