Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    No-Confidence Motion: मणिपुर पर राहुल गांधी को स्मृति ईरानी का जवाब, याद दिलाया कश्मीरी पंडितों का उत्पीड़न

    By Jagran NewsEdited By: Devshanker Chovdhary
    Updated: Wed, 09 Aug 2023 08:41 PM (IST)

    लोकसभा में राहुल गांधी के वक्तव्य के ठीक बाद भाजपा की ओर से स्मृति ईरानी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि मणिपुर खंडित-विभाजित नहीं है मेरे देश का अंग है। हाल ही में बने विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए में शामिल डीएमके के सहारे कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि इन्हीं के गठबंधन के सदस्य ने तमिलनाडु में कहा था कि भारत का मतलब मात्र उत्तर भारत है।

    Hero Image
    मणिपुर पर राहुल गांधी को स्मृति ईरानी का जवाब। (फोटो- संसद टीवी)

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। सदस्यता बहाल होने के अगले दिन ही मणिपुर हिंसा को लेकर सरकार पर बरसे राहुल गांधी पर उनकी चुनावी प्रतिद्वंद्वी महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने करारा पलटवार किया।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इतिहास खून से सना हैः स्मृति ईरानी 

    कश्मीरी पंडितों के उत्पीड़न-पलायन और 1984 के सिख दंगों की दर्दनाक घटनाएं सदन में सुनाकर आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास खून से सना है। यही नहीं, उन्होंने कुछ पुराने वक्तव्य याद दिलाकर आईएनडीआईए गठबंधन के सहयोगियों को लेकर भी कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया।

    लोकसभा में राहुल गांधी के वक्तव्य के ठीक बाद भाजपा की ओर से स्मृति ईरानी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि मणिपुर खंडित-विभाजित नहीं है, मेरे देश का अंग है। हाल ही में बने विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए में शामिल डीएमके के सहारे कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि इन्हीं के गठबंधन के सदस्य ने तमिलनाडु में कहा था कि भारत का मतलब मात्र उत्तर भारत है। अगर राहुल में हिम्मत है तो भारत पर इस तरह कटाक्ष करने वाले डीएमके के अपने साथी का खंडन करके बताएं।

    कश्मीर को लेकर कांग्रेस पर हमला

    वहीं, कांग्रेस के एक नेता ने कश्मीर में जनमत संग्रह की बात की। अगर हिम्मत है गांधी खानदान में तो देश को बताएं कि कश्मीर को देश से हटाने का कांग्रेस का उस नेता का वक्तव्य क्यों है? स्मृति ने दोहराया कि मणिपुर हमारे देश का अभिन्न अंग है। न खंडित था, न है और न रहेगा।

    दरअसल, जब राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मणिपुर में भारत माता की हत्या हो रही है, तब कांग्रेस सदस्य मेज थपथपाकर उनका समर्थन कर रहे थे। इस पर भी महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कांग्रेस सांसदों को आड़े हाथों लिया। कहा कि हमारे राष्ट्र के संसदीय इतिहास में आज तक भारत मां की हत्या की बात करने पर कभी भी बैठकर मेज नहीं थपथपाई गई। कांग्रेसियों ने मां की हत्या के लिए मेज थपथपाई है।

    स्मृति ईरानी ने गिरिजा टिक्कू का चित्र दिखा किया सवाल

    चूंकि, मणिपुर हिंसा का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने संवेदना का ज्वार उठाने का प्रयास किया, इसलिए स्मृति ईरानी ने वैसे ही घटनाक्रम याद दिलाकर जवाब दिया। गिरिजा टिक्कू का चित्र दिखाकर बोलीं कि 90 के दशक में एक महिला विश्वविद्यालय से बस से घर लौटने का प्रयास करती है। पांच मर्द बस से खींचकर टैक्सी में ले जाकर दुष्कर्म करते हैं और फिर आरी से उसका बदन काट देते हैं।

    इसके बाद केंद्रीय मंत्री व अमेठी सांसद ने 1984 के सिख दंगों पर कांग्रेस को आईना दिखाया। दिल दहलाने वाली कई घटनाएं सुनाईं। उन्होंने इमरजेंसी के दौरान में जेल में बंद कर प्रताडि़त की गईं समाजवादी कार्यकर्ता स्नेहलता रेड्डी, हाल ही में राजस्थान के भीलवाड़ा में 14 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म कर काटने के बाद भट्ठे में फेंक देने की घटना भी याद दिलाई।

    राहुल की देशभक्ति पर भाजपा का निशाना

    भाजपा पर देशद्रोह के राहुल के आरोप के संदर्भ में स्मृति ईरानी ने प्रश्न खड़ा किया कि मुस्लिम लीग को सेक्युलर बताना, अफजल गुरु के संरक्षक को पार्टी का नेता बनाना क्या राहुल की देशभक्ति है? परिवारवाद के सहारे भी कांग्रेस और आईएनडीआईए सहयोगियों को केंद्रीय मंत्री ने आड़े हाथों लिया। साथ ही सदन में राहुल गांधी द्वारा दिए गए फ्लाइंग किस पर आपत्ति जताते हुए स्मृति ईरानी ने इसे परिवार का संस्कार बताया।

    वहीं, राजग सहयोगी अपना दल (एस) से सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव आधारहीन और निरर्थक है। यह देश की जनता भी जानती है। करोड़ों भारतवासियों को सरकार पर विश्वास है, लेकिन विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव ला रहा है, क्योंकि लोकतंत्र में इनकी आस्था नहीं है। बार-बार चुनाव के पहले अविश्वास प्रस्ताव आता है, यह विपक्ष का हथकंडा है।

    अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उन्हें लगता है कि इस तरह उनकी राजनीतिक जमीन मजबूत हो जाएगी। यह विपक्ष की भूल है, क्योंकि जब-जब आप राजग गठबंधन पर अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं, तब-तब जनता और भी ज्यादा विश्वास मोदी नेतृत्व पर जताती है। विश्वास है कि जनता 2024 में और बड़े जनादेश के साथ मोदी सरकार बनवाएगी।