संघ-भाजपा के समन्वय में सीधे जुटेंगे नितिन नवीन, अगले एक महीने में करेंगे 36 बैठकें
भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष नितिन नवीन अगले एक महीने में आरएसएस से जुड़े 36 संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्षों और पदाधिकारियों से मिलेंगे। इन बैठकों का उद् ...और पढ़ें

नीतियां बनाने में उनके अनुभवों का लाभ लिया जा सकता है (फाइल फोटो)
नीलू रंजन, नई दिल्ली। भाजपा के अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष बनने वाले नितिन नवीन जल्द ही आरएसएस से जुड़े संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्षों, राष्ट्रीय संगठन मंत्री और सह संगठन मंत्रियों के साथ बैठक कर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अगले एक महीने के भीतर संघ के करीब 36 आनुषंगिक संगठनों के साथ कार्यकारी अध्यक्ष की परिचयात्मक बैठक तय की गई है। आरएसएस से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ, विश्व हिंदू परिषद, आरोग्य भारती, सेवा भारती, विद्या भारती, स्वदेशी जागरण मंच, वनवासी कल्याण आश्रम जैसे आनुषंगिक संगठन समाज के विभिन्न क्षेत्रों में लंबे समय से जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।
21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारें
इन क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर नीतियां बनाने में उनके अनुभवों का लाभ लिया जा सकता है। आरएसएस की समन्वय बैठक में भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ जैसे कई आनुषंगिक संगठन कई सालों से केंद्र सरकार के मंत्रालयों के साथ समन्वय के अभाव की बात उठाते रहे हैं। माना जा रहा है कि नितिन नवीन आनुषंगिक संगठनों के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक में परिचय के साथ-साथ भविष्य में केंद्र और राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय बनाने के तौर-तरीकों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
भाजपा और राजग की 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारें हैं। दरअसल पिछले डेढ़ सालों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भाजपा और आरएसएस के बीच संबंधों को सहज बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।
इनमें प्रधानमंत्री मोदी का नागपुर में आरएसएस के मुख्यालय में जाना और आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत का प्रधानमंत्री आवास पर जाने जैसे कदम शामिल हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री लालकिले की प्राचीर से भी आरएसएस के राष्ट्र व समाज निर्माण में योगदान की प्रशंसा कर चुके हैं।

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