विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

निर्मला सीतारमण को आया गुस्सा, KCR के अर्थव्यवस्था को लेकर "मजाक" पर कहा- आप किस पर हंस रहे हैं...

By AgencyEdited By: Mahen Khanna
Published: Fri, 17 Feb 2023 12:42 AM (IST)Updated: Fri, 17 Feb 2023 05:06 AM (IST)

Nirmala Sitharaman Slams KCR वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केसीआर के अर्थव्यवस्था को लेकर बयान पर नाराजगी जताई है। उन्होंने ...और पढ़ें

Nirmala Sitharaman Slams KCR केसीआर के बयान से सीतारमण नाराज।
Nirmala Sitharaman Slams KCR केसीआर के बयान से सीतारमण नाराज।

हैदराबाद, एएनआई। Nirmala Sitharaman Slams KCR तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को "मजाक" करार देने के बयान पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया है। सीतारमण ने कड़े तेवर में कहा कि तेलंगाना का कर्ज 2014 में 60,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 3 लाख करोड़ रुपये हो गया है और केसीआर हंस रहे हैं।

केसीआर के बयान पर नाराजगी जताई

सीतारमण ने सख्त लहजे में कहा, ''आप कैसे कह सकते हैं कि 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य एक मजाक है? हर राज्य को इसमें योगदान देना चाहिए। आप किस पर हंस रहे हैं, लोगों पर? केसीआर के बयान पर नाराजगी जताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 2014 में तेलंगाना का कर्ज 60,000 करोड़ रुपये था, लेकिन पिछले 7-8 साल में यह 3 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है।

सीतारमण का तेलंगाना सरकार पर तीखा हमला

राव के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार पर तीखा हमला करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने यह भी कहा कि 2014 के बाद राज्य सरकार की 'उपादि हमी योजना' में पीएम मोदी द्वारा खर्च किया गया पैसा योजना लाने वालों की तुलना में अधिक है। उन्होंने राज्य में मेडिकल कॉलेजों के बारे में उचित डेटा नहीं होने के लिए भी राव पर निशाना साधा।

KCR ने 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को बताया मजाक

केसीआर ने हाल ही में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को "मजाक" और "मूर्खतापूर्ण" करार देने के बाद अपने बयान से विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि लक्ष्य और बड़ा होना चाहिए था। एक वायरल वीडियो में उन्हें यह कहते हुए भी सुना गया था कि 2025 तक भारतीय अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का बनाने में कोई बड़ी बात नहीं है और यह एक ऐसी चीज है जिसे एक साधारण "क्लर्क" हिसाब कर सकता है।