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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Next Delhi LG: अनिल बैजल के बाद जानें कौन-कौन हैं द‍िल्‍ली के एलजी की दौड़ में?

By Arun Kumar SinghEdited By:
Published: Wed, 18 May 2022 11:09 PM (IST)Updated: Thu, 19 May 2022 07:48 AM (IST)

बैजल से पहले नजीब जंग दिल्ली के उपराज्यपाल थे लेकिन अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार के साथ भी ...और पढ़ें

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

 नई दिल्ली, आईएएनएस| दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्‍होंने इस्तीफे के कारण को निजी बताया है। इससे पहले दिल्ली के एलजी नजीब जंग थे। फिलहाल अगला एजली दिल्ली का कौन होगा, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। केंद्र सरकार इसे लेकर जल्‍द नियुक्‍त करेगी। इस पद के तीन शीर्ष दावेदारों में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल खोड़ा पटेल हैं।

कई सार्वजनिक नीति के मुद्दों पर सरकार का चेहरा रहे अमिताभ कांत 1980 बैच के केरल कैडर के एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। जबकि सुनील अरोड़ा, जो दिसंबर 2018 से अप्रैल 2021 तक सीईसी थे, 1980 बैच के राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। वह केंद्रीय कौशल विकास सचिव और सूचना और प्रसारण सचिव रहे हैं । वहीं प्रफुल खोड़ा पटेल वर्तमान में लक्षद्वीप, दमन और दीव के प्रशासक हैं। उनको शीर्ष नेता पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की पसंद कहा जाता है, लेकिन सूत्रों का यह भी कहना है कि दक्षिण भारत से एक भाजपा राजनेता को भी नियुक्त किया जा सकता है। हालांकि, सरकार आश्चर्यचकित कर सकती है, इसलिए सरकार और पार्टी सूत्रों में कोई भी इसका अनुमान नहीं लगाना चाहता है। 

प्रफुल खोड़ा पटेल ने 2010 में गुजरात में नरेंद्र मोदी सरकार में गृह राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया है। लक्षद्वीप में उनका कार्यकाल विवादास्पद रहा है। उन्होंने स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए पर्यटकों को शराब परोसने की अनुमति दी थी। दिल्ली में तीन नगर निगम (एमसीडी) के एकीकरण के बाद आने वाले निकाय चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। इसके बाद नगर निकाय उपराज्यपाल के अधीन आएगा, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मौजूदा अतिक्रमण विरोधी अभियान को गति न मिले, एक व्‍यक्ति को नियुक्त किया जा सकता है। दिल्ली में आमतौर पर सेवानिवृत्त नौकरशाहों को उपराज्यपाल के रूप में देखा जाता है।

बैजल से पहले नजीब जंग दिल्ली के उपराज्यपाल थे, लेकिन अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार के साथ भी उनके अच्छे संबंध नहीं थे। बैजल ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए बुधवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजा, जो इस समय विदेश दौरे पर हैं। हालांकि, इसे जल्द ही स्वीकार किए जाने की संभावना है। अनिल बैजल एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के 1969 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने 31 दिसंबर, 2016 से 18 मई, 2022 के रूप में दिल्ली के 21 वें उपराज्यपाल के रूप में पांच साल और चार महीने की अवधि के लिए सेवा की। उपराज्यपाल के रूप में उनका कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री केजरीवाल के साथ विवाद रहा। अनिल बैजल ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान केंद्रीय गृह सचिव के रूप में भी काम किया था।