नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के नतीजे आ गए हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव के पद पर ABVP कब्जा जमाने में कामयाब रही है तो वहीं सचिव पद पर NSUI ने जीत दर्ज की है। AVBP के अंकिव बैसोया अध्यक्ष, शक्ति सिंह उपाध्यक्ष, ज्योति चौधरी संयुक्त सचिव और NSUI के आकाश चौधरी सचिव का चुनाव जीते हैं।

अध्यक्ष पद के लिए अंकिव बैसोया को 20,467 वोट मिले, जबकि उनके मुकाबले NSUI को सनी को 18,723 वोट मिले। उपाध्यक्ष पद के लिए ABVP के शक्ति सिंह को मिले 23,046 वोट, जबकि NSUI की लीना को 15,000 को वोट मिले। सचिव के पद पर NSUI के आकाश चौधरी को वोट 20,198 मिले, जबकि ABVP के सुधीर डेढ़ा को 14,109 वोट मिले। संयुक्त सचिव के लिए ABVP की ज्योति चौधरी को 19,353 वोट मिले, जबकि NSUI के सौरभ यादव को 14,381 वोट मिले। अध्यक्ष के चुनाव में 6211 वोट नोटा को मिले, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए 6435 वोट नोटा को मिले। सचिव पद के लिए 6810 वोट और संयुक्त सचिव पद के लिए 8273 वोट नोटा को मिले।

DUSU Election Result 2018: ABVP की तीन सीटों पर जीत, NSUI के खाते में सचिव पद

कौन थे उम्मीदवार 
डूसू चुनाव में इस बार कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI ने सनी छिल्लर, लीना, आकाश चौधरी और सौरभ यादव को उतारा था। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अंकिव बैसोया, शक्ति सिंह, सुधीर डेढ़ा, ज्योति चौधरी को टिकट दिया था। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) की छात्र इकाई छात्र युवा संघर्ष समिति ने वामपंथी छात्र संगठन अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) के साथ गठबंधन किया था। इन्होंने अभिज्ञाम, अनशिका, चंद्रमणि और सनी तंवर को उम्मीदवार बनाया था।

टल गई थी मतगणना 
वोटों की मतगणना के बीच हंगामे के बाद मतों की गिनती को कुछ घंटों के लिए टाला भी गया था। यह हंगामा ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी को लेकर शुरू हुआ था। कांग्रेस से जुड़े संगठन एनएसयूआई ने नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की जबकि एबीवीपी ने मतगणना फिर से शुरू कराने को कहा। बाद में, सभी उम्मीदवारों ने मतगणना फिर से शुरू करने पर सहमति जताई। इससे पहले दोनों समूहों के समर्थकों ने दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मतगणना केन्द्र के अंदर हंगामा किया।


 बुधवार को हुई थी वोटिंग 
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए बुधवार को वोट डाले गए थे। सुबह में कम विद्यार्थी ही मतदान करने पहुंचे, लेकिन ज्यों-ज्यों समय बीतता गया, कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती गई। सुबह 9.30 बजे तक सभी 52 कॉलेजों में मत फीसद करीब 18.5 फीसद रहा। जबकि 11.30 बजे आते-आते यह बढ़कर 34 फीसद तक पहुंच गया। 12.30 बजे तक 40.58 फीसद तक मतदान रहा। इसके बाद सुबह के कॉलेजों में दोपहर एक बजे मत फीसद बढ़कर 43.8 फीसद पहुंच गया।

52 कॉलेजों में 760 ईवीएम के जरिए हुए मतदान
डूसू चुनाव के लिए के लिए 52 केंद्रों पर मतदान हुए। इसके लिए 760 ईवीएम का इस्तेमाल किया गया। मॉर्निंग कॉलेजों में सुबह 8.30 बजे से दोपहर एक बजे तक मतदान हुआ। वहीं इवनिंग कॉलेजों में दोपहर बाद तीन बजे से लेकर शाम 7.30 बजे तक वोट डाले गए। चुनाव मैदान में इस बार कुल 23 प्रत्याशी खड़े थे। इसमें अध्यक्ष पद पर पांच, उपाध्यक्ष पद पर पांच, सचिव पद पर सबसे अधिक आठ और संयुक्त सचिव पद पर पांच उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।


 

लॉ फैकल्टी में जमे रहे एनएसयूआइ एवं एबीवीपी के समर्थक
मतदान के दौरान एनएसयूआइ और एबीवीपी के कार्यकर्ता नॉर्थ कैंपस में जमे रहे। रामजस कॉलेज में पांच हजार, किरोड़ीमल कॉलेज में पांच हजार और लॉ फैकल्टी में आठ हजार छात्र हैं। बुधवार को हुए मतदान के दिन भी यहां पर भारी संख्या में छात्र संगठनों के समर्थक मौजूद रहे और अपने पक्ष में वोट डालने की अपील करते रहे। मतदान करने से पहले अंदर घुसने से लेकर लाइन में लगने तक ऐसा ही माहौल नजर आया।

कॉलेजों में कैसा रहा मत फीसद
-अरबिंदो इवनिंग कॉलेज में 44.72 फीसद
- हंसराज कॉलेज: 50 फीसद
- डीयू के लॉ सेटर : 41 फीसद
- देशबंधु कॉलेज : 44 फीसद
- रामजस कॉलेज : 50.56 फीसद
- अदिति कॉलेज : 48 फीसद

बीते वर्षों में कितना रहा मत फीसद
साल मत फीसद
2011 35 फीसद
2012 40.4 फीसद
2013 43.38 फीसद
2014 44.43 फीसद
2015 45.30 फीसद
2016 37 फीसद
2017 42.8 फीसद