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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिद्दरमैया की पत्नी ने की 14 प्लॉट वापस लौटाने की पेशकश, MUDA आयुक्त को लिखी चिट्ठी

By Agency Edited By: Piyush Kumar
Published: Mon, 30 Sep 2024 10:36 PM (IST)

MUDA Case कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया की पत्नी पार्वती ने MUDA को पत्र लिखकर उन्हें आवंटित 14 प्लॉट वापस कर ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री सिद्दरमैया की पत्नी पार्वती ने MUDA को पत्र लिखकर उन्हें आवंटित 14 प्लॉट वापस कर दिए।(फोटो सोर्स: जागरण)
मुख्यमंत्री सिद्दरमैया की पत्नी पार्वती ने MUDA को पत्र लिखकर उन्हें आवंटित 14 प्लॉट वापस कर दिए।(फोटो सोर्स: जागरण)

HighLights

  1. मैं मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण को प्लॉट का कब्जी भी वापस कर रही हूं: पार्वती
  2. पिछले सप्ताह बेंगलुरू की एक विशेष अदालत ने दिए थे इस मामले में जांच के आदेश

पीटीआई, नई दिल्ली। ईडी ने सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) से जुड़े भू-आवंटन घोटाले में मनी लॉंड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया। राज्य लोकायुक्त पुलिस की एफआइआर का संज्ञान लेते हुए ईडी ने यह कार्रवाई की है।

प्रक्रिया के अनुसार, जांच एजेंसी को पूछताछ के लिए आरोपितों को बुलाने और जांच के दौरान उनकी संपत्ति जब्त करने का अधिकार है।  आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी ने मुख्यमंत्री और अन्य लोगों के खिलाफ इंफोर्समेंट केस इंफोर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दायर की है।

मैं मुआवजा प्लॉट वापस करना चाहती हूं: सिद्दरमैया की पत्नी

इसी बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया की पत्नी पार्वती ने MUDA को पत्र लिखकर उन्हें आवंटित 14 प्लॉट वापस कर दिए हैं। उनके पत्र में लिखा है, "मैं मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा मेरे पक्ष में निष्पादित 14 प्लॉट के दस्तावेजों को रद्द करके मुआवजा प्लॉट वापस करना चाहती हूं। मैं मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण को प्लॉट का कब्जी भी वापस कर रही हूं। कृपया इस संबंध में जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाएं।"

विशेष अदालत ने दिए जांच के आदेश

भू-आवंटन में गड़बड़ी मामले में मैसुरु में लोकायुक्त पुलिस द्वारा 27 सितंबर को दर्ज की गई एफआइआर में सिद्दरमैया, उनकी पत्नी बीएम पार्वती, उनके साले मल्लिकार्जुन स्वामी और देवराजू (जिनसे स्वामी ने जमीन खरीदकर पार्वती को उपहार में दी थी) तथा अन्य को नामजद किया गया है।

पिछले सप्ताह बेंगलुरू की एक विशेष अदालत ने मामले में सिद्दरमैया के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस जांच का आदेश दिया था, जिसके बाद लोकायुक्त द्वारा यह एफआइआर दर्ज की गई।

 विशेष अदालत का आदेश कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा इस मामले में सिद्दरमैया  के खिलाफ जांच कराने की राज्यपाल थावरचंद गहलोत की मंजूरी को बरकरार रखने के एक दिन बाद आया था। आरटीआइ कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा व अन्य ने इस मामले में शिकायत दी थी।

आरोप है कि सिद्दरमैया  की पत्नी बीएम पार्वती को मैसुरु के एक पाश इलाके में मुआवजे के रूप में जो 14 भूखंड आवंटित किए गए थे, उनकी कीमत मुडा द्वारा अधिग्रहीत की गई जमीन की तुलना में काफी अधिक थी।

आखिर क्या है मामला?

 मुडा ने पार्वती की 3.16 एकड़ जमीन के बदले में उन्हें 50:50 के अनुपात से भूखंड आवंटित किए थे। आरोप है कि मैसुरु के कसाबा होबली के कसारे गांव में स्थित उस 3.16 एकड़ जमीन पर भी पार्वती का कोई कानूनी हक नहीं था, जिसकी एवज में प्लाट आवंटित हुए। उधर, सिद्दरमैया का कहना है कि वह कानूनी जंग लड़ेंगे और बेदाग निकलेंगे।

शिकायतकर्ता के खिलाफ एफआइआर

मुडा घोटाले में मुख्यमंत्री सिद्दरमैया  के खिलाफ शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। महिला ने आरोप लगाया है कि कृष्णा ने संपत्ति के मामले में उसे धमकाया था।

 पुलिस सूत्रों के अनुसार मैसुरु जिले के नंजनगुड की रहने वाली शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कृष्णा ने 18 जुलाई को उसे और उसकी मां को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी और कहा था कि वह अपने ससुराल वालों के साथ एक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद से दूर रहे। कृष्णा ने आरोप को फर्जी बताते हुए मांग की है कि पुलिस मामले की गहन जांच करे ताकि सच सामने आ सके।

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