Monsoon Session of Parliament: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सर्वदलीय बैठक की; कई मुद्दों पर हुई चर्चा, विपक्ष ने रखी यह मांग
monsoon session of parliament संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होने वाला है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक संसद में हुई जिसमें कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भाग लिया।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हो रहा है। संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को सभी दलों के साथ बैठक की और सदन की कार्यवाही के सुचारू संचालन में उनका सहयोग मांगा। बताया जाता है कि बैठक में उठाए जाने वाले मुद्दों और उन पर समय दिए जाने को लेकर चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय हुई जब कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के तेवर आक्रामक बने हुए हैं।
ये दल नहीं हुए शामिल
लोकसभा अध्यक्ष बिरला के साथ बैठक में सत्तारूढ़ भाजपा के अलावा कांग्रेस, द्रमुक और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता मुख्य रूप से मौजूद थे। टीएमसी, टीआरएस, शिवसेना, राकांपा, बसपा, सपा, टीडीपी और वामदल बैठक में नहीं शामिल हुईं। बीजद का कोई प्रतिनिधि भी बैठक में नहीं पहुंचा।
विपक्ष की मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग
सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बैठक में मौजूद थे। बाद में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सभी दलों ने सहयोग का आश्वासन दिया है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि विपक्ष ने अग्निपथ योजना, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर चर्चा की मांग की है। हमने मांग रखी कि विपक्ष को मुद्दों को उठाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
देश के हित में महत्वपूर्ण मुद्दों पर हो चर्चा
बैठक के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र के संबंध में सभी दल के नेताओं से विचार विमर्श हुआ। मैंने सभी दलों के नेताओं से आग्रह किया है कि देश के हित में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करें। सदन को निर्बाध मर्यादा के साथ चलना चाहिए। सभी दलों के नेताओं ने भरोसा दिया है कि वे सदन कि कार्यवाही में सहयोग करेंगे।
18 बैठकें और 108 घंटे होगा काम
बैठक में राजनीतिक दलों को लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि 12 अगस्त तक चलने वाला यह मानसून सत्र वैसे ही छोटा है, जिसमें कुल 18 बैठकें होनी हैं। कुल 108 घंटे काम होंगे, इनमें सरकारी कार्य के लिए 62 घंटे आरक्षित होंगे। बाकी समय शून्यकाल व प्रश्नकाल आदि के लिए आरक्षित होगा। लोक महत्व के मामलों पर चर्चा के लिए आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त समय आवंटित किया जाएगा।
कोरोना प्रोटोकाल के साथ होगा सत्र का आयोजन
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह भी कहा कि इस सत्र में भी कोरोना प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा। इसके लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। सत्र में सुरक्षा के भी व्यापक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने सभी सदस्यों द्वारा कोरोना संबंधी नियमों का पालन किए जाने की उम्मीद भी जताई।
24 विधेयक होंगे पेश
मालूम हो कि संसद के मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में 18 बैठकें होंगी जिसमें 24 विधेयक पेश किए जा सकते हैं। सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति चुनाव है। सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले विधेयकों में छावनी विधेयक, बहु राज्य सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक और दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक शामिल हैं।
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