जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने सोशल मीडिया पर 'मीटू अभियान' के तहत अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।

अपने खिलाफ चलाए गए अभियान के पीछे बड़ी साजिश का संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि आम चुनाव के चंद महीने पहले शुरू किये इस अभियान के पीछे छिपे एजेंडे को लोग समझ सकते हैं। सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि दौरे से लौटने के बाद खुद अकबर आरोपों पर स्थिति साफ करेंगे।


झूठ की सनक होती है
नाइजीरिया के सरकारी दौरे से रविवार सुबह लौटे एमजे अकबर ने दोपहर बाद बयान जारी कर अपने खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का बिंदुवार जवाब दिया। उन्होंने कहा कि झूठ के पांव नहीं होते हैं, लेकिन उसमें जहर भरा होता है। इस जहर भरे झूठ को सनक में उनपर फेंका जा रहा है, जो काफी दुखद है। इन आरोपों से उनकी प्रतिष्ठा का अपूर्णीय क्षति हुई है। झूठे आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी देते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए उनके वकील उचित कदम उठाएंगे।


बिना किसी सबूत के आरोप
अकबर ने कहा कि कुछ तबकों में बिना किसी सबूत के आरोप लगाने की बीमारी हो गई है। लेकिन, अभियान के दौरान ही आरोपों के झूठ पुलिंदा खुल गया। उन्होंने कहा कि एक साल पहले प्रिया रमानी नाम की महिला ने एक पत्रिका में लेख लिखकर उनके खिलाफ अभियान शुरू किया था, लेकिन उस लेख में कहीं भी उनका नाम नहीं था। अकबर के अनुसार अभियान शुरू होने के बाद जब रमानी खुद ट्वीट कर साफ किया कि 'नाम इसीलिए नहीं लिया, क्योंकि उन्होंने कुछ किया ही नहीं था।'

मुझे तैरना नहीं आता
अकबर ने सवाल उठाया कि जब हमने कुछ किया ही नहीं, तो फिर आरोप कहां है? कुछ नहीं होने के बाद भी उसके इर्दगिर्द बेसिर-पैर की कहानियां गढ़ दी गई। कुछ ने सुनी-सुनाई बातें कहीं, तो किसी ने उसका समर्थन किया। इस बीच कुछ महिलाओं ने आरोपों को सिरे से खारिज भी कर दिया। अकबर ने शुतापा पॉल का उदाहरण दिया, जिन्होंने लिखा था कि 'असल में उसने कुछ किया ही नहीं था। एक महिला अंजु भारती के स्वीमिंग पुल में पार्टी के आरोपों को बचकाना बताते हुए अकबर ने कहा कि उन्हें तैरना तक नहीं आता है।
झूठ का पुलिंदा
अकबर ने गजाला वहाब नाम की महिला के आरोपों को भी झूठ का पुलिंदा बताया। गजाला वहाब ने 21 साल पहले एक अखबार में काम के दौरान छेड़खानी का आरोप लगाया था। अकबर के अनुसार अखबार के जिस दफ्तर की बात वहाब कर रही हैं, वह एक हॉल में था। जिसमें मैं ऊपर से पूरी तरह खुले एक छोटे से केबिन में बैठता था। कांच और प्लाइवुड से घिरे खुले केबिन के चारों ओर मुश्किल से दो फुट की दूरी पर दूसरे लोग काम कर रहे होते थे।
आरोप मनगढ़ंत
अकबर ने वहाब के आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि ऐसे में छेड़छाड़ की घटना को कोई कैसे नहीं देख सका। उन्होंने कहा कि जिस वीनू सान्याल से सारी बातें बताने का गजाला वहाब दावा कर रही हैं, उसने भी उसे खारिज कर दिया। अकबर के अनुसार वीनू सान्याल ने वहाब के आरोपों का बकवास बताया है। आरोपों के समय पर सवाल उठाते हुए एमजे अकबर ने कहा कि आखिरकार लोकसभा चुनाव के पहले ही आरोपों की आंधी क्यों चली है। इसके पीछे कोई एजेंडा तो नहीं है?

 

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