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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rahul Gandhi Disqualified: राहुल गांधी की संसदीय सदस्यता रद्द, 'मोदी सरनेम' पर टिप्पणी पड़ी भारी

By Versha SinghEdited By: Versha Singh
Published: Fri, 24 Mar 2023 02:16 PM (IST)Updated: Fri, 24 Mar 2023 03:45 PM (IST)

मानहानि केस में सजा मिलने के बाद कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई है। ...और पढ़ें

राहुल गांधी को लगा बड़ा झटका, संसद की सदस्यता हुई रद्द
राहुल गांधी को लगा बड़ा झटका, संसद की सदस्यता हुई रद्द

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। मानहानि केस में सजा मिलने के बाद कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को एक और झटका लगा है। उनकी लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई है। राहुल गांधी को दो साल की सजा मिली थी।

केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को उनकी 'मोदी सरनेम' टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद लोकसभा सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया।

मानहानि के मामले में मिली थी दो साल की सजा

सूरत की कोर्ट ने मानहानि के एक मामले में राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी। उन्होंने पूरे मोदी समाज को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था। इसी कारण उन्हें कोर्ट ने दोषी माना। कोर्ट ने हालांकि सजा को एक महीने के लिए रोक दिया है ताकि वह ऊपर के कोर्ट में अपील कर सकें, लेकिन उनकी दोषसिद्धि को नहीं रोका है। उनको कोर्ट ने बेल भी दे दी है।

राहुल गांधी ने 2019 में दी थी विवादित टिप्पणी

राहुल गांधी ने कर्नाटक के कोलार में 13 अप्रैल, 2019 को चुनावी रैली में विवादित टिप्पणी की थी। कांग्रेस नेता ने कहा था, ''नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी का सरनेम कॉमन क्यों है? सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है?''

राहुल के इस बयान को लेकर बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था। अपनी इस शिकायत में BJP MLA ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता ने पूरे मोदी समुदाय को कथित रूप से यह कहकर बदनाम किया कि सभी चोरों का सरनेम मोदी होता है?

पहले भी इन नेताओं की गई है सदस्यता

लालू प्रसाद यादव

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू होने के बाद सबसे पहले लालू यादव गाज गिरी थी। साल 2013 में लालू यादव को चारा घोटाला केस में कोर्ट ने सजा सुनाई और इसके बाद उनकी संसद सदस्यता खत्म गई थी।

जगदीश शर्मा

वहीं, बिहार के जहानाबाद से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सांसद जगदीश शर्मा को गोड्डा कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में CBI की विशेष अदालत ने सजा सुनाई थी। अदालत ने जगदीश शर्मा को 4 साल की कैद और 2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। इससे उनकी संसद सदस्यता चली गई थी। 

पीपी मोहम्मद

बता दें कि लक्षद्वीप के सांसद पीपी मोहम्मद फैजल पर पूर्व मंत्री पीएम सईद और मोहम्मद सालिया पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा था। जिसके बाद अदालत ने उन्हें 10 साल की सजा सुनाई और इसके बाद उनकी सदस्यता चली गई थी। लेकिन इसी बीच केरल हाईकोर्ट ने पीपी मोहम्मद फैजल की सजा पर रोक लगा दी। फिलहाल यह केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। 

रशीद मसूद 

मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के MBBS सीट घोटाला केस में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद काजी रशीद को सजा होने पर उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी। कांग्रेस ने रशीद को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में भेजा था। उन्हें MBBS सीट घोटाले में दोषी पाया गया था और सन 2013 में अदालत ने उन्हें चार साल की सजा सुनाई थी।

मित्रसेन यादव 

उत्तर प्रदेश की फैजाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद मित्रसेन यादव को ‘रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल्स एक्ट 1951' के तहत साल 2009 में संसद सदस्यता से हाथ धोना पड़ा था। उन्हें धोखाधड़ी के एक केस में सजा होने पर अपना पद छोड़ना पड़ा था। मित्रसेन यादव को धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाए जाने पर अदालत ने 7 साल की सजा दी थी।