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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कभी यूपी के सीएम की रेस में रहे मनोज सिन्हा, अब होंगे जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल; जानें उनके बारे में

By TaniskEdited By:
Published: Thu, 06 Aug 2020 11:08 AM (IST)Updated: Thu, 06 Aug 2020 11:35 AM (IST)

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर के नए उपराज्यपाल होंगे। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं।

कभी यूपी के सीएम की रेस में रहे मनोज सिन्हा, अब होंगे जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल; जानें उनके बारे में
कभी यूपी के सीएम की रेस में रहे मनोज सिन्हा, अब होंगे जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल; जानें उनके बारे में

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मनोज सिन्हा जम्मू-कश्मीर के नए उपराज्यपाल होंगे। गिरीश चंद्र मूर्मू ने बुधवार को इस पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका इस्तीफा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वीकार कर लिया। बीएचयू छात्रसंघ अध्यक्ष से लेकर केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय करने वाले मनोज सिन्हा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। पीएम मोदी और मनोज सिन्हा के बीच आरएसएस के दिनों से ही अच्छे संबंध हैं। मोदी लहर में जब साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक जीत मिली, तो मुख्यमंत्री के प्रवल दावेदारों में सिन्हा का नाम शुमार रहा। हालांकि, योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने। 61 साल के सिन्हा अब जम्मू-कश्मीर के दूसरे उपराज्यपाल का जिम्मा संभालेंगे।

मनोज सिन्हा का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

मनोज सिन्हा का 1 जुलाई 1959 को गाजीपुर के मोहनपुरा में जन्म हुआ। सिन्हा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के प्राथमिक विद्यालय से किया। इसके बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए बनारस चले गए। वर्ष 1982 में बीएचयू छात्रसंघ अध्यक्ष रहे सिन्हा आइआइटी बीएचयू से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक किए हुए हैं।

गाजीपुर से तीन बार सांसद रहे 

गोल्ड मेडेलिस्ट रहे सिन्हा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े रहे। वह 1989 में भाजाप राष्ट्रीय परिषद के सदस्य बने और 1996, 1999, 2014 में गाजीपुर से सांसद बने। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार और मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी ने उन्हें हराया। इसके बाद यह चर्चा होने लगी कि पार्टी उन्हें राज्यसभा में भेजेगी, लेकिन अब वे जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल बनाए गए हैं। सिन्हा खेती का भी शौक रखते हैं। राजनेता के तौर पर उनकी ईमानदार नेता की रही है। पूर्वांचल  में उन्हें विकास के लिए जाना जाता है। 

मोदी सरकार के पहले कार्याकाल में रेल राज्यमंत्री रहे

मोदी सरकार के पहले कार्याकाल में सिन्हा रेल राज्यमंत्री व संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। सिन्हा 1999 से 2000 तक ऊर्जा, संबंधी स्‍थायी समिति के सदस्‍य रहे। उसी दौरान सरकारी आश्‍वासनों संबंधी समिति के सदस्‍य भी रहे। पूर्वांचल में भाजपा के बड़े चेहरों में शुमार मनोज सिन्हा की 1, मई 1977 को बिहार के भागलपुर की नीलम सिन्हा से शादी हुई। उनकी एक बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है और एक बेटा है जो एक टेलीकॉम कंपनी में काम करता है।

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