यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Manipur Violence: 21 अगस्त को बुलाया जाए विधानसभा का सत्र, मणिपुर मंत्रिमंडल ने राज्यपाल से की सिफारिश
मणिपुर मंत्रिमंडल ने 21 अगस्त को 12वीं विधानसभा के चौथे सत्र को बुलाने के लिए राज्यपाल से सिफारिश की है। ...और पढ़ें

HighLights
- 21 अगस्त को मणिपुर विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग
- राज्य मंत्रिमंडल ने राज्यपाल से की सिफारिश
- मणिपुर सरकार ने प्रेस रिलीज जारी कर दी जानकारी
इम्फाल, पीटीआई। Manipur Violence: मणिपुर मंत्रिमंडल (Manipur Cabinet) ने शुक्रवार को राज्यपाल अनुसुइया उइके (Manipur Governor Anusuiya Uikey) से राज्य विधानसभा का अगला सत्र 21 अगस्त को बुलाने की सिफारिश की है। विधानसभा का पिछला सत्र मार्च में आयोजित हुआ था। इससे पहले कांग्रेस ने भी राज्यपाल से राज्य में चल रही उथल-पुथल पर चर्चा के लिए विधानसभा का आपातकालीन सत्र बुलाने का अनुरोध किया था।
कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल को लिखा था पत्र
मणिपुर विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल का नेता ओकराम इबोबी सिंह सहित पांच कांग्रेस विधायकों ने पिछले महीने राज्यपाल को लिखे एक पत्र में कहा था कि मई की शुरुआत से जातीय संघर्ष से प्रभावित राज्य में शांति बहाल करने के तरीके पर चर्चा करने और सुझाव प्राप्त करने के लिए विधानसभा सबसे उपयुक्त मंच है।

जातीय झड़पों में 160 से अधिक लोगों की मौत
मणिपुर में जातीय झड़पें होने के बाद से 160 से अधिक लोगों की जान चली गई और कई सौ लोग घायल हो गए। मणिपुर की आबादी में मैतेयी समुदाय के लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं। आदिवासी नगा और कुकी की संख्या 40 प्रतिशत से कुछ अधिक हैं और पहाड़ी जिलों में रहते हैं।
तीन मई से भड़की हिंसा
बता दें, मणिपुर में तीन मई से जातीय हिंसा जारी है। पिछले महीने वायरल हुए एक वीडियो को लेकर सड़क से लेकर सदन तक भारी हंगामा देखने को मिला। राज्यपाल अनुसुइया उइके ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। संंसद के दोनों सदनों की कार्यवाही भी मणिपुर वायरल वीडियो को लेकर बाधित हुई, जिसमें दो महिलाओं को निर्वस्त्र होकर घुमाया जा रहा है। विपक्षी दलों के सांसद लगातार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सदन में आकर जवाब देने की मांग कर रहे हैं।
