अगर INDI गठबंधन की बनी सरकार तो मैं..., ममता बनर्जी ने अब विपक्षी खेमे के आगे रख दी तीन नई शर्तें
Mamata Banerjee to indi alliance ममता ने एक सभा के दौरान आइएनडीआइए के समक्ष तीन शर्तें रखी हैं। उनका कहना है कि यदि विपक्षी ब्लाक की सरकार बनती है तो सबसे पहले सीएए एनआरसी और यूसीसी को रद करना होगा। जानकार मान रहे हैं कि उनका यह बयान अंतिम चरण में भी मुस्लिम वोट बंटे नहीं इसी को ध्यान में रखकर दिया है।

जेएनएन, कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले कहा था कि अगर आइएनडीआइए की सरकार बनती है तो वह बाहर से समर्थन करेंगी। इसके 24 घंटे बाद ही उन्होंने अपने इस बयान से पलटते हुए कहा था कि टीएमसी आइएनडीआइए का हिस्सा है और रहेगी।
INDI Alliance के सामने रखीं ये शर्तें
अब उन्होंने रविवार को एक सभा के दौरान आइएनडीआइए के समक्ष तीन शर्तें रखी हैं। उनका कहना है कि यदि विपक्षी ब्लाक की सरकार बनती है तो सबसे पहले सीएए, एनआरसी और यूसीसी को रद करना होगा। जानकार मान रहे हैं कि उनका यह बयान अंतिम चरण में भी मुस्लिम वोट बंटे नहीं इसी को ध्यान में रखकर दिया है।
बाहरी समर्थन की कही थी बात
ममता ने हाल ही में इंडी गठबंधन को बाहर से समर्थन देने की बात कही थी। ममता ने कहा था कि अगर सत्ता में इंडी गठबंधन की सरकार बनती है तो वो बाहर से उसे समर्थन देगी।
बंगाल सीएम ने कहा था कि पूरा देश समझ गया है कि भाजपा चोरों से भरी पार्टी है। हम (टीएमसी) केंद्र में सरकार बनाने के लिए इंडी गठबंधन को बाहर से समर्थन देंगे। हम अपना समर्थन देंगे ताकि बंगाल में हमारी माताओं और बहनों को कभी कोई समस्या न हो और जो लोग 100 दिन की नौकरी योजना में काम करते हैं, उन्हें भी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
अधीर रंजन ने साधा था निशाना
ममता के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने कहा था कि उन्हें उन पर भरोसा नहीं है और उन्होंने कहा कि वह गठबंधन छोड़ कर भाजपा में भी जा सकती हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।